आमेर बीडीओ पर आरोपों की बौछार
पंचायत समिति में प्रशासन स्थापना की बैठक में विकास अधिकारी और सदन के बीच शौचालय योजना में भ्रष्टाचार के दोषी ग्राम विकास अधिकारी हरीश गुप्ता को स्वच्छता सम्मान व क्षेत्र में फर्जी तरीके से ग्राम विकास अधिकारियों के पट्टा वितरण मामले में जांच को लेकर कई महीनों से लीपा-पोती व उदासीनता बरतने पर विकास अधिकारी प्रीति चौधरी पर मिलीभगत के गम्भीर आरोप लगे। चौधरी बौखलाकर बैठक बीच में छोड़कर चली गई। कहा, मेरा आधे दिन का अवकाश लगा देना। सदन ने विकास अधिकारी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लिया। बताया गया कि कांट गांव में हरीश गुप्ता ग्राम विकास अधिकारी के पद पर मौजूद था तब (एनबीए) के तहत शौचालय बनाने में भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोप लगे। पंचायत समिति की जाँच में दोषी पाए जाने पर जिला परिषद से जाँच करवाई तब भी दोषी पाए गए।
प्रधान ने किया भेदभाव
प्रधान सीताराम शर्मा पर बैठक में पंचायत समिति सदस्यों ने भेदभाव के आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधान अपने चेहतों को रेवडियां बाँट रहे है। क्षेत्र में बार-बार कार्य की मांग करने पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रिश्तेदारों को पट्टे दिलवाने का आरोप भी लगे। बैठक में प्रधान सीताराम शर्मा, विकास अधिकारी प्रीति चौधरी, प्रचार प्रसार अधिकारी ललित दीक्षित, पंचायत समिति सदस्य अचरोल श्रवण लाल, कंवरपुरा से भागीरथ मान, कांट से घासीराम गुर्जर, सिरोही से रामजी लाल गुर्जर आदि मौजूद रहे।
नोटिस दे रखा है
मैंने ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसी का नोटिस दे रखा है। स्वच्छता सम्मान के लिए उच्च अधिकारियों से नाम आता है और वही पुरस्कृत करते है।