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बीडीओ आमेर बोल रही है झूठ, नहीं दिया सीसी 17 का नोटिस

3 वर्ष पहले
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पंचायत समिति आमेर के रुंडल पंचायत में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी के पूर्व तैनाती स्थल कांट पंचायत पर शौचालय निर्माण कार्य में दोषी पाए जाने के बावजूद अधिकारियों की मिलीभगत से उसे बचाया जा रहा है। 14 मई को प्रशासन स्थापना समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठा तो बीडीओ सदस्यों के सवालों का जवाब नहीं दे सकी। वह यह कहते हुए सदन के बीच से चली गई कि मेरी आधे दिन की छुट्‌टी लगा लो। सदस्यों ने बीडीओ के इस गैर जिम्मेदारना व्यवहार से खफा होकर उसके खिलाफ बाकायदा निंदा प्रस्ताव पारित किया। सदस्यों ने आश्चर्य जताया कि बीडीओ व ग्राम विकास अधिकारी के बीच ऐसा क्या है, जो वह उसे बचा रही है। बीडीओ ने कहा कि ग्राम विकास अधिकारी को 17 सीसी का नोटिस दिया हुआ है, जब उनके पूछा गया कि कब दिया तो कहने लगी कि तत्कालीन बीडीओ ने दो साल पहले दिया था। जिला परिषद के सीईओ ने इस मामले की शिकायत होने पर जांच शुरू कर दी है।

एक पर मेहरबानी, दूसरे को सजा

शौचालय निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार में दोषी करार दिए जाने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी हरीश गुप्ता को तो स्वच्छता सम्मान से उपकृत कर दिया गया, जबकि सहायक रोजगार अल्पवेतनभोगी कर्मचारी दिनेश बालोटिया का दो साल से वेतन रोका हुआ है।

बीडीओ इतनी मेहरबान क्यों?

पंचायत समिति आमेर की स्थापना समिति की बैठक में यह मुद्दा उठने के बावजूद बीडीओ रुंडल ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ विभागीय आदेश के बावजूद उसे बचा रही है। सदस्योें ने आश्चर्य जताया कि वह कार्रवाई करने के बजाय उसे उपकृत कर रही है।

क्या है मामला : ग्राम विकास अधिकारी हरीश गुप्ता को प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छता अभियान के तहत कांट ग्राम पंचायत क्षेत्र में शौचालय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने इस कार्य में लापरवाही बरती और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। पंचायत के बाद जिला परिषद की जांच में भी दोषी करार दिए गए, मगर अफसरों की मेहरबानी से ये बचते आ रहे है। करीब 15 साल तक ये एक ही जगह रहे। मजेदार बात तो यह है कि कार्रवाई के बजाय इन्हें स्वच्छता सम्मान से ही नवाज दिया गया। यही नहीं ग्राम विकास अधिकारी को रुंडल पंचायत के अलावा छापराड़ी पंचायत का भी अतिरिक्त चार्ज दिया हुआ है, जबकि वह पद खाली नहीं है।

निष्पक्ष जांच होगी, दोषी को नहीं बख्शेंगे

जिला परिषद के सीईओ आलोक रंजन ने कहा, यदि ऐसा मामला है तो यह गंभीर है। इस बारे में निष्पक्ष जांच करवा ली जाएगी। दोषी पाए जाने पर किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा।

बीडीओ आमेर प्रीति चौधरी ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी हरीश गुप्ता को 17 सीसी का नोटिस दिया गया है। जब पूछा गया कि कब दिया तो वह सकपका गई। कहने लगी कि तत्कालीन बीडीओ ने डेढ़-दो साल पहले दिया था। अपने करीब एक साल के कार्यकाल में इस मामले में क्या कार्रवाई की, सवाल को भी टाल गई।

रुंडल पंचायत के ग्राम पंचायत अधिकारी हरीश गुप्ता का कहना है कि मेरे ऊपर कोई भ्रष्टाचार के आरोप नहीं है।

पंचायत समिति सदस्य धासीराम गुर्जर, श्रवणलाल, भागीरथ मान, रामजीलाल गुर्जर ने कहा कि इस मामले में विभाग ने दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की तो हम जनांदोलन करने को विवश होंगे।

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