- Hindi News
- National
- विवाह सूत्र में बंधे अनाथ दिव्यांश और दिव्यानी, जिले भर में सामूहिक विवाह
विवाह सूत्र में बंधे अनाथ दिव्यांश और दिव्यानी, जिले भर में सामूहिक विवाह
अक्षय तृतीया पर अनाथालय में रहकर बड़े हुए दो युवा परिणय बंधन में बंधकर एक दूसरे के हो गए। साकरे कालोनी स्थित बालगृह में अक्षय तृतीया पर शहनाई गूंजी। यह पहला अवसर था जब अनाथाश्रम में विवाह समारोह हुआ। आश्रम के ही दिव्यांश और दिव्यानी ने सात फेरे लेकर एक दूसरे का साथ निभाने का वचन लिया। शांतिधाम समिति के विजय अतुलकर, बालगृह संचालक राकेश चौकीकर और समाज सेवियों ने मिलकर इस अनूठे विवाह की तैयारियां की। आमला का दिव्यांश और महाराष्ट्र के धारना गांव की दिव्यानी अनाथ हैं। फेसबुक पर दोनो की दोस्ती हुई। दिव्यानी ने उसे गोद लेने वाले माता-पिता से और आमला के दिव्यांश ने आश्रम के संचालक से विवाह की अनुमति मांगी। अक्षय तृतीय के शुभ मुहूर्त पर बालगृह में लगे मंडप में दोनों का विवाह हुआ। नागरिकों ने खुले मन से दोनो को आशीर्वाद दिया। अक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त में जिले भर में वैवाहिक कार्यक्रम हुए। महिला बाल विकास विभाग की टीम ने दो नाबालिगों का विवाह भी रुकवाया।
सम्मेलन में 3 जोड़ों ने लिए 7 फेरे
शाहपुर| अक्षय तृतीया पर सतपुड़ा कुर्मी समाज ने पौसेरा मंदिर भयावाड़ी में सामूहिक विवाह हुए। कार्यक्रम में 3 जोड़ों का विवाह हुआ। समाज और संघ ने नवदंपत्ति को उपहार के साथ आम के पौधे भेंट किए। सामाजिक सदस्यों ने सभी से जन्मदिन और विवाह के अवसर पर उपहार में पौधे देने का आह्वान किया। इस अवसर पर सतपुड़ा कुर्मी समाज के विनोद वर्मा संघ के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।
7 जोड़ों का हुआ विवाह
क्षत्रिय लोन्हारी कुनबी समाज संगठन के बांसनेर कला में हुए सामूहिक विवाह में 7 जोड़ों का विवाह हुआ। इनमें 2 विकलांग जोड़े भी शामिल हुए। राज्यमंत्री विजय राव देशमुख, विधायक चंद्रशेखर देशमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष सूरजलाल जावलकर, नरेश फाटे, ने नवयुगलों को आशीर्वाद दिया। दिल्ली की हंस सेवा समिति ने दूल्हा-दुल्हन को कपड़े, मातृशक्ति संगठन ने पांच-पांच बर्तन भेंट किए।
नाबालिग की सगाई रुकवाने पहुंचा प्रशासन
आठनेर। वार्ड 14 में बुधवार को अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त में नाबालिग लड़की की सगाई 25 वर्षीय युवक से हो रही थी। महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी नेहा यादव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनीता कनाठे ने मौके पर पहुंचकर सगाई रुकवाई। लड़की के माता-पिता और रिश्तेदारों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए। दाेनो पक्ष के परिजनों ने भी लड़की के बालिग होने के बाद विवाह करवाने की बात स्वीकार की।
नाबालिक का समझाइश देकर रोका विवाह
शाहपुर| एक नाबालिग लड़की का विवाह 26 अप्रैल को होने की सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शौर्य दल के सदस्यों ने टीआई संतोष पंद्रे को दी। पूरी टीम बुधवार को नाबालिग के घर पहुंचीं। टीम ने पिता और दादी को समझाइश दी। परियोजना अधिकारी एस उमा शर्मा और शौर्य दल ने परिजनों की काउंसलिंग की। जिसके बाद पिता ने अपनी भूल स्वीकार कर बेटी का विवाह बालिग होने के बाद ही करने की बात कही। टीआई संतोष पंद्रे ने बताया कि 16 वर्ष की नाबालिग का विवाह होशंगाबाद में तय हुआ था। सूचना मिलने पर परिजनों को समझाइश दी गई है।