अस्पताल तो खुल गया लेकिन डाॅक्टर नहीं होंगे तो भवन का क्या लाभ। दो दर्जन से ज्यादा गांव की आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है लेकिन स्टाफ नहीं होने के कारण लोगों को परेशान होना पड़ता है। यह बात ग्रामीणों ने अस्पताल भवन का लोकार्पण करने आए प्रभारी मंत्री लाल सिंह आर्य से कही। प्रभारी मंत्री लालसिंह आर्य मोरखा में 1 करोड़ लागत से बने अस्पताल भवन और हाट बाजार का लाेकार्पण करने पहुंचे।
कार्यक्रम में सांसद ज्योति धुर्वे, विधायक चेतराम मानेकर, भाजपा जिला अध्यक्ष जितेंद्र कपूर, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भगवतसिंह रघुवंशी, किशनसिंह रघुवंशी उपस्थित थे। अस्पताल में स्टाफ की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामवासियों ने असंतोष जताया। ग्रामवासियों ने प्रभारी मंत्री से स्वास्थ्य केंद्र पर डाॅक्टर और अन्य स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग की।
आमला. मोरखा अस्पताल भवन का लोकार्पण करते हुए प्रभारी मंत्री।
हाॅट बाजार का उदघाटन, घाट के लिए चार लाख की घोषणा
मंत्री लालसिंह आर्य ने मोरखा में ही 50 लाख लागत के हाॅट बाजार का भी शुभारंभ किया। इस अवसर पर सांसद ज्योति धुर्वे ने बेल नदी पर घाट निर्माण के लिए 4 लाख रुपए देने की घोषणा की है। इधर मंत्री ने अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के लिए 10 लाख लागत से मंगल भवन और हायर सेकंडरी स्कूल भवन के लिए 1 करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की।
एक करोड़ के भवन में स्टाफ के नाम पर एक नर्स
प्रभारी मंत्री ने मोरखा में करीब 1 करोड़ से ज्यादा लागत के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का लोकार्पण किया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दो दर्जन से अधिक ग्रामवासी इलाज के लिए आएंगे। स्वास्थ्य केंद्र में एक भी चिकित्सक पदस्थ नहीं है। अस्पताल में केवल एक नर्स की पदस्थापना की गई है। गांव के किसनसिंह रघुवंशी, बलरामसिंह रघुवंशी, फगनसिंह पटेल, सरपंच विष्णु उईके ने बताया मोरखा के चिकित्सकीय स्टाफ को अन्य जगह पदस्थ किया गया है। जिससे गांव के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है।
इलाज के लिए भटकते हैं ग्रामीण
ग्रामीणों ने कहा अस्पताल के लिए उपलब्ध अधिकांश स्टाफ अन्य अस्पतालों में पदस्थ है। जिससे इस क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए यहां वहां भटकना पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ जाती है।