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55वें राष्ट्रीय अधिवेशन में जुड़े पेंशनर्स संसद तक मांग पहुंचाने का हुआ निर्णय

3 वर्ष पहले
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आमला| आल इंडिया रिटायर्ड रेलवे मेंस फेडरेशन का 55 वां राष्ट्रीय अधिवेशन एक्सीलेंस स्कूल में हुआ। पहले चरण में देश के अलग-अलग रेल मंडल से आए प्रतिनिधियों से प्रस्ताव लिए गए। प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इसमें पेंशनर्स विभिन्न विभागों में लंबे समय से अटके काम निपटाने अधिकारियों दबाव बनाने का मामला प्रमुखता से उठाया गया। आश्रित और विधवा पेंशन तथा बढ़ी हुई पेंशन की राशि की प्रक्रिया में देरी पर भी सदस्यों ने असंतोष जताया। रेल अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और सुविधाओं के अभाव पर भी पेंशनर्स ने नाराजगी जताई। कार्यक्रम में आमला शाखा के अध्यक्ष रामप्रसाद पवार, कोषाध्यक्ष प्रकाश डाफने और सचिव दशरथ नागले की पुस्तक का विमोचन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया। पेंशनर्स ने स्कूल से लोको ग्राउंड तक रैली निकालकर नारेबाजी की। इस अवसर पर केके श्रीवास्तव, श्रीराम गाठिया, पुरूषोत्तम ठाकुर, सुखलाल मौर्य, प्रकाश पांडे, संपत चौरसे, आलम खान, बबलू चौकीकर, प्रकाश अतुलकर, नारायण नावंगे, सुखदेव राठौर, टीकाराम प्रजापति, नीलकंठ धोटे, लाल मोहम्मद और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संसद तक जाएगी अधिकारों की लडाई

एआईआरआरएपफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वायएन शास्त्री ने क्षेत्र के प्रतिनिधियों को अपने-अपने स्तर पर संगठन को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। 7 वें वेतन आयोग में जो विसंगतियाें में सुधार के लिए दबाव बनाने की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि पेंशनर्स की नहीं सुनी गई तो संसद तक मांग की जाएगी।

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