दर्द हिंदुस्तान की बेटी का है किसी मजहब का नहीं
अमृतसर| जम्मू-कश्मीर के कठुआ की आठ वर्षीय बच्ची आसिफा के साथ, जो राक्षसों जैसा व्यवहार किया गया, उससे पूरा हिंदुस्तान शर्मिंदा है। सच तो यह है कि मानवता ही शर्मसार है। यह बात पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने शनिवार को भेजे अपने प्रेस बयान में कही। उन्होंने कहा कि अफसोस है कि भारत जैसे देश में जहां बेटी की देवी कहकर पूजा की जाती है, जहां आज की सरकार का एक बड़ा लक्ष्य बेटियों को बचाना और आगे बढ़ाना है उस देश में राजनेता और अलग अलग संप्रदाय के लोग अपराधियों को दंड दिलवाने में बाधा बन रहे हैं।