आईआईएम में 104 स्टूडेंट्स को दी गई डिग्रियां, 2 हुए गोल्ड मेडल से सम्मानित
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में दूसरे बैच की कन्वोकेशन में मैनेजमेंट के 104 विद्यार्थियों डिग्रियां प्राप्त की। इसके बाद खुशी व्यक्त करते आईआईएम के स्टूडेंट्स।
मुख्यातिथि विशेष सी चंडोक ने दिए सफलता के टिप्स
भास्कर न्यूज | अमृतसर
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट में दूसरे बैच की कन्वोकेशन में मैनेजमेंट के 104 विद्यार्थियों डिग्रियां प्राप्त की। इनमें दो विद्यार्थियों अखिल विनता और अब्दुल कादिर दुल्ला को गोल्ड मेडल के साथ सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में विशेष सी चंडोक मुख्यातिथि के रूप में पहुंचे, जिन्होंने विद्यार्थियों को डिग्रियों के साथ-साथ सफलता के टिप्स भी दिए। इस दौरान सांसद गुरजीत औजला भी पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत में आईआईएम मेंटोर-डॉयरेक्टर प्रो. कुलभूषण बलूनी ने इंस्टीट्यूट की वार्षिक रिपोर्ट को पढ़ा। प्रो. बलूनी ने बताया कि यह चाहे दूसरा बैच है, लेकिन इसने नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। 44 विद्यार्थियों के पहले बैच के बाद दूसरे मैच की गिनती 104 पहुंचना एक बड़ी सफलता है। वहीं दूसरी तरफ विश्व स्तरीय कंपनियों ने इंस्टीट्यूट में पहुंच विद्यार्थियों को चुना। पिछली बार के मुकाबले इस साल 54 लाख प्रति वर्ष के पैकेज के साथ विद्यार्थियों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके बाद कन्वोकेशन को शुरू किया और और 104 विद्यार्थियों ने सम्मान जनक रूप से डिग्रियां हासिल की। अंत में मुख्यातिथि चंडोक ने कहा कि आप सभी के लिए 2028 एक लक्ष्य व मौका भी है। 10 साल बाद भारत तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होगा, जिसमें सभी को अपनी हिस्सेदारी देनी है। दस साल बाद और अब के समय में बढ़ा अंतर आने वाला है। इस दौरान उन्होंने सफलता के तीन रहस्य हैं- इगो को दूर रखो, गलतियों से सीखो और इंपासिबल कुछ नहीं होता।
स्टूडेंट को डिग्री देते मुख्यातिथि विशेष सी चंडोक।