ऑटिज्म पीड़ित बच्चे नार्मल लाइफ जी सकते हैं : डॉ. सलिल
अमृतसर | रानी का बाग स्थित श्रीमती राज रानी उप्पल चैरिटेबल स्कूल फॉर स्पेशल चिल्ड्रन में ऑटिज्म मंथ अप्रैल के तहत ऑटिज्म जागरुकता कार्यक्रम करवाया गया। इसमें उप्पल न्यूरो अस्पताल के न्यूरोलाजिस्ट डॉ. सलिल उप्पल वक्ता के रूप में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बताया कि ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों में बोलचाल की कला का विकास सही रूप से नहीं हो पाता। आम तौर पर सभी लक्षण 3 वर्ष की आयु में स्पष्ट नजर आने लगते हैं। 80 प्रतिशत बच्चों को इस अवस्था से बचाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से चेकअप और सुरक्षित प्रसव। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल राजविंदर सिंह, टीचर पूनम, रजनी अौर बच्चों के माता-पिता उपस्थित थे।