शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की गोलक में चढ़ावे में आने वाले सिक्के बैंकों की ओर से न उठाए जाने के बाद कमेटी ने यह नीति बनाई है कि जो बैंक सिक्के उठाएगा कैश जमा कराने के लिए उसी बैंक का पहल दी जाएगी।
गोलक में लाखों रुपए के सिक्कों का चढ़ावा आता है, जिन्हें बैंक लेने से इंकार कर रहे हैं। कमेटी के प्रबंध में आने वाले श्री दरबार साहिब, गुरुद्वारा बाबा दीप सिंह जी शहीद, गुरुद्वारा थड़ा साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा गुरु के महल, गुरुद्वारा भाई सालों व अन्य ऐतिहासिक गुरुद्वारों की गोलक में संगत की आेर से चढ़ाए पैसे जब गिने जाते हैं तो हर रोज लगभग 42 लाख के आस आस राशि निकलती है। इसी राशि में से ही सिक्कों के रूप में 2 लाख की राशि निकलती है। बताते चलें कि एसजीपीसी के सभी ही बैंकों में खाते चल रहे हैं। बैंक प्रबंधकों की आेर से एसजीपीसी का खाता अपने बैंक में खुलवाने के लिए कई बार जमा राशि पर ज्यादा ब्याज देने की सहूलियत भी दी जाती है। वहीं बैंक प्रबंधन कमेटी का कैश वहां से खुद ही उठा लेने की सुविधा प्रदान करने में यहां एक मिनट की भी देरी नहीं करते थे अब सिक्कों के डर कारण कैश उठाने से भी हाथ खींचने लगे हैं।
श्री दरबार साहिब के मैनेजर जसविंदर सिंह दीनपुर ने कहा कि सिक्के बैंकों में जमा कराने में मुश्किल आ रही है। इसलिए सोचा जा रहा है कि जो बैंक सिक्के जमा कराने को मानेगा उसी बैंक में ही कैश जमा कराने को पहल दी जाएगी।