राज्य की डेढ़ करोड़ आबादी को सेहत बीमा से महरूम किया पंजाब सरकार ने : श्वेत मलिक
विश्व की सबसे बड़ी सेहत बीमा योजना आयुष्मान भारत पर पूरे देश में से सिर्फ पंजाब द्वारा हस्ताक्षर न करने के मामले पर भाजपा ने कड़ा रूख अख्तियार किया है। इस मामले पर प्रेसनोट जारी करते हुए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद श्वेत मलिक ने इसे पंजाब की करीब डेढ़ करोड़ आबादी को मुफ्त इलाज की मोदी सरकार की योजना से महरूम रखने का कांग्रेसी षडयंत्र करार दिया है।
मलिक ने कहा कि सारे हिंदुस्तान के 28 राज्यों ने इस अत्यंत महत्वपूर्ण सेहत योजना पर साइन कर दिए हैं। इस योजना के तहत लगभग आधी आबादी को प्राइवेट एवं सरकारी अस्पतालों में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज की सुविधा दी जानी है। इसमें केंद्र ने 60 प्रतिशत पैसा देना है, लेकिन आर्थिक रूप से कंगाल पंजाब कांग्रेस सरकार ने बकाया 40 प्रतिशत हिस्सा देने से बचने की वजह से इस बीमा योजना पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया।
पंजाब में सेहत योजनाएं ठप
मलिक ने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्ममोहिंद्रा ने इस योजना पर हस्ताक्षर ना करने के पीछे कारण बताया है कि पंजाब में पहले से कई सेहत योजनाएं चल रही हैं। जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। गठबंधन सरकार द्वारा शुरू की गई भगत पूर्ण सिंह सेहत बीमा योजना कांग्रेस सरकार द्वारा पैसा न दिए जाने की वजह से ठप है। कैंसर के मरीजों को इलाज के लिए पिछले कई महीनों से अस्पतालों को एक भी पैसा जारी नहीं किया गया है। लिहाजा मरीजों को इलाज व दवाई का खर्च जेब से हो रहा है, और तो और राज्य में सेहत विभाग की सबसे छोटी इकाई प्राइमरी हैल्थ सेंटर से लेकर जिला अस्पतालों तक में न स्टाफ है न दवाई। ऐसे में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह बताए कि पंजाब की जनता को इतनी बड़ी सेहत योजना से वंचित कर उनके सेहतमंत्री ने जो किया है, क्या जनता के प्रति अपराध की श्रेणी में नहीं आता।
जनता इलाज से महरूम
मलिक ने सरकार से पूछा कि कांग्रसियों की बनाई बड़ी ओएसडी की फौज को दिए जाने वाले वेतन का पैसा तो है, पर गरीब जनता को इलाज के लिए महरूम कर दिया। साथ ही राज्य की कांग्रेस सरकार अपनी राजनीति के चलते भी भाजपा की केंद्र सरकार की यह योजना पंजाब में लागू नहीं होने देना चाहती।