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‘डेंगू से हर साल 12,500 लोगों की मौत होती है’

3 वर्ष पहले
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सिविल सर्जन ऑफिस की तरफ से मनाए गए नेशनल डेंगू-डे के मौके पर नवां कोट स्कूल में बच्चों के साथ जिला मलेरिया अफसर डॉ. मदन मोहन व अन्य।

भास्कर न्यूज | अमृतसर

डेंगू मच्छर की रोकथाम तथा इससे होने वाली बीमारी से सावधान रहने के लिए सिविल सर्जन ऑफिस की तरफ से रिक्शा जागरुकता रैली निकाली गी, जिसे सिविल सर्जन डॉ. हरदीप सिंह घई ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। डॉ. घई ने कहा कि हमें फालतू और नकारा सामान को छत पर नहीं रखना चाहिए। इस दौरान सिविल सर्जन के दिशानिर्देश पर जिला मलेरिया अफसर डॉ. मदन मोहन की अगुवाई में नवां कोट स्थित गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जागरूकता कैंप लगाया गया। डॉ. मदन मोहन का कहना है कि डेंगू से बचने के लिए जागरूकता और बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है। उनका कहना है कि वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन द्वारा हाल में किया आंकलन के मुताबिक हर साल डेंगू के 40 करोड़ नए मामले दर्ज होते हैं।

इसमें से 500,000 लोगों में, खासकर बच्चों में, ज्यादा गंभीर डेंगू का बुखार देखा गया है। इनमें से लगभग 12,500 लोगों की मौत हो जाती है।

सिविल अस्पताल में भी चलाई जागरुकता मुहिम

अमृतसर | नेशनल डेंगू डे के मौके पर सिविल अस्पताल में सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. चरणजीत सिंह की अगवाई में जागरुकता अभियान चलाया गया। इस मौके पर डेंगू मच्छर और उससे होने वाले बुखार बारे विस्तार से जानकारी दी गई तथा सावधानियों पर भी चर्चा हुई। डॉ. चरणजीत सिंह ने बताया कि डेंगू की बीमारी एडीज इंजिप्टी मच्छर के काटने से होती है। बाल रोग माहिर डॉ. संदीप अग्रवाल का कहना है कि डेंगू वाला मच्छर अक्सर दिन में ही काटता है इसलिए इस दौरान पूरे कपड़े पहन कर रखें। जहां लगे कि डेंगू का मच्छर पनप सकता है वहां स्प्रे करवाएं। समागम में डेंगू से संबंधित पंफलेट भी बांटे गए। इस मौके पर डॉ. वरुण, राकेश शर्मा, नर्सिंग सिस्टम रमेश कुमारी, सुखविंदर कौर आदि मौजूद रहे।

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