मुख्यमंत्री जांच करवाएं कि पिछले वर्षों में पंजाब के वृक्ष किसने और क्यों कटवाए : प्रो. चावला
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री प्रो. लक्ष्मीकांता चावला ने कहा है कि मुख्यमंत्री जांच करवाएं कि पिछले वर्षों में पंजाब के वृक्ष किसने और क्यों कटवाए। प्रो. चावला ने कहा कि पंजाब के हरे भरे राष्ट्रीय राजमार्ग और शहरों की सड़कें हरियाली से सूनी हो गई हैं। यह ठीक है कि सड़कों को चौड़ा करने के लिए कुछ वृक्ष कटवाना मजबूरी थी, पर कुछ वृक्ष इसलिए कटवा दिए, क्योंकि ठेकेदार को संबंधित सड़क के सभी वृक्ष काटने का ठेका दे दिया गया था। उदाहरण के लिए रोपड़-बलाचौर मार्ग को चार मार्गीय बनाने के लिए वे वृक्ष भी काट दिए जो नहर के किनारे लगे थे।
अब बंगा से लेकर बलाचौर तक सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा है, पर जिस तरफ सड़क चौड़ी करने से कोई असर नहीं पड़ने वाला वे वृक्ष भी धड़ाधड़ काटे जा रहे हैं। अमृतसर महानगर के वृक्षों की हत्या बीआरटीएस के नाम पर करवाई। जरूरत से ज्यादा वृक्ष काटे गए। किसने काटे, इसका उत्तर न नगर निगम ने दिया और न ही इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट ने। ऐसा लगता है कि कोई शक्तिशाली राजनेता वृक्ष कटवाकर अपनी जेब भर गया और जनता को तपती धूप में छोड़ दिया। नियम यह भी है कि जहां से वृक्ष काटे जाएं, वहां एक के स्थान पर पांच वृक्ष लगवाएं भी जाएं। वैसा काम भी नहीं हो रहा। पंजाब के मुख्यमंत्री से अपील है कि पिछले दस वर्षों में जो वृक्ष काटे गए, उसकी जांच करवाएं।