स्पोर्ट्स रिपोर्टर | अमृतसर
योगा स्टेट प्रतियोगिता में जिले की टीम ना जाने और सहायक स्पोर्ट्स अधिकारी को बकाया 6.80 लाख रुपए जारी न करने की इंक्वायरी शिक्षामंत्री ओम प्रकाश सोनी ने शुरु करवा दी है। शुक्रवार डिप्टी डॉयरेक्टर जसपाल सिंह खुद चंडीगढ़ से डीईओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सहायक स्पोर्ट्स अधिकारी बलविंदर सिंह से भी बात की और डीईओ सीनियर सेकेंडरी सुनीता किरण से भी सवाल जवाब दिए। वहीं दूसरी तरफ जिला स्तर पर इसी मामले को लेकर शुरु हुई जांच भी पूरी हो चुकी है।
डिप्टी डॉयरेक्टर जसपाल सिंह ने बताया कि वह मंत्री सोनी के आदेशों पर यहां जांच के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने बलविंदर सिंह से भी रिकार्ड ले लिया है और डीईओ कार्यालय से भी कुछ रिकार्ड जांच के लिए उठाया है। लेकिन कुछ रिकार्ड डीईओ कार्यालय अभी उपलब्ध नहीं करवा पाया। इस रिकार्ड को उन्हें सोमवार चंडीगढ़ पहुंचाने की हिदायत दे दी गई है। उन्होंने बिताया कि जल्द ही इस पूरे मामले की रिपोर्ट बनाकर विभाग और मंत्री ओम प्रकाश सोनी को सौंप दी जाएगी।
खुद को सच्चा साबित करने को करवाई थी जांच
इस मामले के उजागर होने के बाद डीईओ सुनीता किरण ने लोकल कमेटी बनाकर जांच शुरु करवाई थी। लेकिन उस कमेटी की जांच में सुनीता किरण आप ही झूठ बोलती दिखी। जांच में सामने आया है कि बलविंदर सिंह ने एडवांस लिए पैसों का ब्योरा जिला शिक्षा कार्यालय को दिया था। इसके साथ ही जिला शिक्षा कार्यालय को यह भी पता था कि बलविंदर सिंह का 6.80 लाख रुपए बकाया है। अपनी ही बात पर फंसती दिखी तो डीईओ ने इस जांच को ना मानते हुए अब दोबारा जांच लेखा ब्रांच को सौंप दी है। हैरानी की बात है कि जिला सहायक खेल बलविंदर सिंह खुद जिला शिक्षा अिधकारी पर पैसे ना देने के दोष लगा रहे हैं। इसके बावजूद डीईओ खुद ही अपनी जांच करवा कर खुद को सच्चा साबित करने पर उतारू हैं।
मुझे इस बारे कुछ नहीं कहना : डीईओ
इस बारे में जब डीईओ सुनीता किरण से बात की गई तो वह भड़क गई। उन्होंने किसी भी बारे में कुछ भी कहने से मना कर दिया। उनका कहना था कि मीडिया बेकार में बातें उछाल रहा है। उनकी बातों से साफ था कि 17 खिलाड़ी जिनका करियर खराब हुआ, उनका उन पर कोई असर नहीं देखने को मिला।
जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई- सोनी
मामला सामने आने के तुरंत बाद ही मैंने कमेटी गठित करने के लिए कह दिया था। आज वह कमेटी अमृतसर से दस्तावेज ले गई है। जिसकी भी गलती सामने आई, उसके खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।
-ओपी सोनी, शिक्षामंत्री