दुर्ग्याणा तीर्थ के पास शनिवार रात बुजुर्ग की जान लेने वाले सांड को नगर निगम ने सोमवार सुबह काबू कर लिया। शहर में अभी भी ऐसे 100 सांड खुले घूम रहे हैं।
बगीची शोभाराम में शनिवार रात सड़क पर टहलते समय 65 वर्षीय परवीन मेहरा को एक सांड ने सींगों में उठाकर जमीन पर पटक दिया था। सिर में चोट आने से परवीन मेहरा की मौके पर ही मौत हो गई थी। दैनिक भास्कर ने 21 मई के अंक में इस हादसे के लिए जिम्मेदार नगर निगम की लापरवाहियों की पोल खोली थी। भास्कर में खबर छपने के बाद नगर निगम की टीम सोमवार सुबह ही सांड को पकड़ने के लिए बगीची शोभाराम इलाके में पहुंच गई। यहां सांड ने नगर निगम की टीम को बहुत छकाया। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने सांड पर काबू पा लिया और उसे नगर निगम के अहाते में बंद कर दिया।
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में तकरीबन 500 आवारा पशु हैं। इसमें से 100 सांड हैं। नगर निगम के पास आवारा पशु रखने के लिए बैल अहाता है मगर उसकी क्षमता मात्र 40 पशुओं की है और वहां पहले से 44 पशु बंद है।
परवीन मेहरा
मेयर-कमिश्नर की भौड़ेवाला गौशाला प्रबंधन के साथ बैठक कल
नगर निगम ने रामतीर्थ स्थित भौड़ेवाला गौशाला प्रबंधकों के साथ बुधवार को बैठक रखी है। इसमें मेयर कर्मजीत रिंटू, कमिश्नर सोनाली गिरि और सेहत अफसर डॉ. राजू चौहान उनसे आवारा पशुओं से निपटने में सहयोग मांगेंगे। हालांकि 8 साल पुराने करार के मुताबिक निगम ने गौशाला को साढ़े 21 लाख रुपए नहीं दिए। निगम के सेहत अफसर डॉ. राजू चौहान का कहना है कि उनके मुताबिक ये रकम इससे काफी कम है। बैठक में इस पर बात होगी और आस है कि रकम चुकाकर पशुओं को गौशला में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
दुर्ग्याणा के पास पकड़े गए सांड को ले जाते नगर निगम के मुलाजिम।