पुलिस का डिसमिस एएसआई 7 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा
स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल ने सोमवार को दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे सात किलो हेरोइन बरामद की। इन तस्करों में मोदे गांव का अजीत सिंह और जसरौल गांव का गुरसेवक सिंह शामिल है। अजीत सिंह पहले पंजाब पुलिस में एएसआई था मगर नशा तस्करी में शामिल होने के चलते उसे डिसमिस कर दिया गया था।
स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) को सूचना मिली थी कि अटारी बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान से हेरोइन की बड़ी खेप आई है जिसे अजीत सिंह और गुरसेवक सिंह ने रिसीव किया है। इस सूचना के आधार पर एसएसओसी टीम ने अटारी एरिया के मोदे गांव में ट्रैप लगाकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर उनसे 7 किलो हेरोइन रिकवर हो गई। दोनों से जब पूछताछ की तो पता चला कि 6 साल पहले अटारी बॉर्डर से हेरोइन की खेप के साथ एक सुपरिंटेंडेंट गिरफ्तार किया गया था। आरोपी अजीत सिंह उस समय अटारी इलाके में ही एएसआई के पद पर तैनात था और उक्त सुपरिंटेंडेंट के साथ हेरोइन तस्करी में शामिल था। नशा तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर उसे महकमे से डिसमिस कर दिया गया मगर वह पुलिस के हाथ नहीं आया। पिछले 6 बरसों के दौरान वह पाकिस्तान में बैठे तस्करों से लगातार हेरोइन की खेप मंगवाकर देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचा रहा था। उसे पकड़ने के लिए कई बार ट्रैप लगाया गया मगर वह हर बार चकमा देकर निकल जाता।
जिनकी जमीन बाड़ के पार, उन्हें देता था लालच
अजीत सिंह के साथ गिरफ्तार किया गया गुरसेवक सिंह जसरौल गांव का रहने वाला है। वह पहली बार नशा तस्करी में पकड़ा गया। गुरसेवक की कुछ जमीन कंटीली बाड़ के दूसरी तरफ है और अजीत ऐसे ही लोगों की तलाश में रहता था जिनका आसानी से कंटीली तारों के आर-पार आना-जाना हो। उसने गुरसेवक को भी इसीलिए चुना और पैसों का लालच देकर उसे अपने साथ मिला लिया।
नशीला पाउडर बेचने वाले को चार साल की कैद
अमृतसर| नशीले पदार्थों का धंधा करने के दोषी बूटा सिंह निवासी इंदिरा काॅलोनी को कोर्ट ने 4 साल कैद की सजा सुनाई। रामबाग पुलिस ने 13 सितंबर 2015 को ट्रैप लगाकर बूटा सिंह को पकड़ा था। तलाशी में उससे 100 ग्राम नशीला पाउडर बरामद हुआ था। सुनवाई में दोष साबित हो जाने पर जज एसएम गर्ग की अदालत ने उसे 4 साल की सजा सुनाई और 40 हजार का जुर्माना किया। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त कैद काटनी होगी।