मेरी बेटी ने अमृतसर-पंजाब ही नहीं, पूरे भारत का नाम रोशन किया : जसपाल सिंह
कॉमनवेल्थ गेम्स से जीत का परचम लहराने वाली बेटी नवजीत कौर के घर वापस आने पर उनके माता-पिता खुशी से भावुक हो होए। नवजीत के पिता जसपाल सिंह ने कहा कि बेटी ने न केवल अमृतसर और पंजाब ही बल्कि पूरे भारत का नाम रोशन किया है। जसपाल सिंह ढिल्लों ने कहा कि करीब एक महीने के बाद उनकी बेटी घर पहुंची और कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने के लिए पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। डिस्कस थ्रो इवेंट में 57.43 मीटर थ्रो करते हुए पदक हासिल करने में उनके माता-पिता सहित उनके कोचों का अहम सहयोग रहा है। इस दौरान सांसद गुरजीत सिंह औजला भी नवजीत कौर ढिल्लों के घर उन्हें बधाई देने के लिए पहुंचे, औजला ने कहा कि उनकी जीत से गुरु नगरी का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।
कई रिकॉर्ड दर्ज हैं नवनीत कौर के नाम पर
केवल कामनवेल्थ गेम्स ही नहीं बल्कि इससे पहले भी नवजीत कौर कई रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं बहुत सारे रिकार्ड तो ऐसे ही, जिन्हें अभी तक कोई अन्य खिलाड़ी तोड़ नहीं पाया है। जून-2014 में आयोजित हुई 16 वीं एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नवजीत कौर ने शानदार प्रदर्शन कर शॉटपुट में ब्रांज मेडल हासिल किया था। इसी तरह मई-2014 में चेन्नई में हुई जूनियर फैडरेशन कप में शॉटपुट के मुकाबले में 15.89 मीटर थ्रो करते हुए नेशनल रिकॉर्ड बनाया था। साल-2017 में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के इंटर कॉलेज एथलेटिक्स टूर्नामेंट में बनाया गया 12 साल पुराना रिकॉर्ड भी नवजीत कौर ढिल्लों ने खुद ही तोड़ा था और डिस्कस थ्रो में 52.33 मीटर और शॉटपुट में 19.91 मीटर थ्रो कर सभी को हैरान कर दिया था। यह रिकॉर्ड ओलंपिक तक पहुंच चुकी हरवंत कौर ने साल-2000 बनाया था और नवजीत कौर का नाम नेशनल स्कूल गेम्स के दौरान अंडर-16 और अंडर-19 के बीच हैं। जबकि अंडर-18 जूनियर नेशनल का रिकॉर्ड भी उसी के नाम पर दर्ज है और वर्तमान समय में वह रेलवे में अपनी सेवाएं निभा रही हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स में हुई डिस्कस थ्रो में ब्रौंज मेडल विजेता नवजीत कौर के घर लौटने पर घरवालों और रिश्तेदारों ने भव्य स्वागत किया
नवजीत कौर को घर पहुंचने पर उसकी मां चूमेते हुए।
नवजोत कौर को बधाई देते सांसद गुरजीत सिंह औजला।
केवल नवजीत नहीं बल्कि पूरे परिवार की खेलों में रुचि
नवजीत कौर अपने परिवार में पहली एेसी लड़की नहीं है। जिसने खेलो में अपना परचम लहराया हो। बल्कि उसका पूरा परिवार ही खेलों को समर्पित रहा है। बता दे कि नवजीत कौर के पिता जसपाल सिंह ढिल्लों, माता कुलदीप कौर ढिल्लों और भाई जसदीप सिंह ढिल्लों भी बहुत अच्छे खिलाड़ी रहें है।