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खून के रिश्तों में जायदाद तबदील करने वालों को एक साल में 5000 करोड़ का फायदा

3 वर्ष पहले
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खून के रिश्तों में जायदाद तबदील करने पर स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस वगैरह से छूट के कारण लोगों को एक साल में 5000 करोड़ रुपए का फायदा हुआ है। राजस्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया ने बताया कि एक साल में राज्य में डेढ़ लाख से भी ज्यादा रजिस्ट्रियां खून के रिश्तों में तबदील की गई हैं। पति-प|ी, बहन-भाई, बच्चे और माता-पिता, दादा-दादी और पोते -पोतियों, नाना-नानी और दोहते-दोहतियों के आपस में जायदाद तबदील करने पर स्टैंप ड्यूटी व फीस या अन्य सैस आदि अदा नहीं करना पड़ता। 2017-18 के दौरान जो जायदादें पारिवारिक सदस्यों ने आपस में तबदील कीं उनकी कीमत 36 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बनती है। मोहाली, लुधियाना, बठिंडा, अमृतसर, रोपड़ और पटियाला में क्रमवार 4907, 16001, 9813, 8841, 2779 और 12685 रजिस्ट्रियां खून के रिश्तों में तबदील हुई हैं, जबकि बाकी जिलों सहित यह संख्या डेढ़ लाख से भी ज्यादा बनती है।

एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विन्नी महाजन ने बताया कि परिवार में जायदाद की आपसी तबदीली में 100 रुपए पेस्टिंग फीस, 500 रुपए कंप्यूटर फीस और 300 रुपए इंतकाल फीस सहित कुल 900 रुपए का खर्चा आता है। रजिस्ट्री चाहे 1 मरले की हो या 100 एकड़ की, यह खर्चा सिर्फ 900 रुपए ही अदा करना होगा।

2017-18 में डेढ़ लाख से ज्यादा रजिस्ट्रियां : सरकारिया

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