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कमिश्नर : आप तैयारी करके आए हो, ऐसा लगता नहीं एसएफओ : परसों तो तैयारी कर रहे हां, तुस्सी खेह पा’ती

3 वर्ष पहले
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नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को मॉकड्रिल में फायर ब्रिगेड के आधे-अधूरे इंतजाम देखकर कमिश्नर सोनाली गिरि भड़क उठीं। प्रबंधों से नाखुश कमिश्नर जब मेयर कर्मजीत रिंटू की मौजूदगी में फायर ब्रिगेड अफसरों की क्लास ले रही थीं तो सब फायर अफसर (एसएफओ) सुरिंदर पाल सिंह की उनसे बहस हो गई। मॉकड्रिल खत्म होने के आधे घंटे बाद कमिश्नर ने सुरिंदर पाल को सस्पेंड कर दिया और अधूरी तैयारियों पर एडीएफओ कश्मीर सिंह को शोकॉज नोटिस थमा दिया।

एडीएफओ कश्मीर सिंह और एसएफओ सुरिंदर पाल सिंह 6 फायर टेंडर और 2 वैन लेकर निगम दफ्तर पहुंचे। दोपहर 12 बजे तीसरी मंजिल पर मॉकड्रिल शुरू की गई। दमकलकर्मियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेगुलेटर ऑन कर आग लगाई और बिल्डिंग में मौजूद लोगों से तुरंत बाहर निकलने को कहा। इस पर मुलाजिम और लोग बाहर की तरफ भागे। इसके बाद सुरिंदर पाल ने आग पर गीला कपड़ा डालकर रेगुलेटर बंद कर दिया। इसके बाद टीम ग्राउंड फ्लोर पर आ गई। उसी समय एक मुलाजिम तेजी से आरटीआई विंग में घुसा और युवक को कंधे पर लादकर बाहर की तरफ भागा। मॉकड्रिल पूरी होने के 40 मिनट बाद मेयर और कमिश्नर को बुलाकर उनके सामने दोबारा आग लगाकर उसे गीले कपड़े से बुझाया गया। आग बुझते ही कमिश्नर ने एडीएफओ को टोकते हुए मॉकड्रिल के तरीके पर आपत्ति उठाई।

इस पर एडीएफओ कश्मीर सिंह मेयर व कमिश्नर को लेकर दफ्तर के बाहर वहां पहुंचे जहां फायर ब्रिगेड टेंडर खड़े थे और मुलाजिम जमा थे। यहां भी जब कमिश्नर सोनाली गिरि ने मॉकड्रिल के तरीके पर आपत्ति उठाई तो एसएफओ सुरिंदर पाल की उनसे बहस हो गई जो 3 मिनट तक चलती रही। आखिर में कमिश्नर एसएफओ से ये कहते हुए चली गईं कि वह उनके दफ्तर में आए। हालांकि एसएफओ ने दफ्तर में जाने से इनकार कर दिया और कहा कि वह जो कार्रवाई करना चाहेंे, कर लें।

मेयर की मौजूदगी में बहस, भाटिया और बिट्‌टा करते रहे शांत कराने का प्रयास

निगम कमिश्नर सोनाली गिरि और सब फायर अफसर सुरिंदर पाल के बीच बहस होते देख आरटीआई सेल के इंचार्ज सुशांत भाटिया और यूनियन नेता विनोद बिट्‌टा शांत कराने का प्रयास करते रहे। इस दौरान मेयर कर्मजीत रिंटू और दूसरे अफसर वहीं खड़े थे। फोटो : संजय वालिया

अफसरों से बहस, मिसबिहेव के कारण सस्पेंशन : गिरि

निगम कमिश्नर सोनाली गिरि ने कहा कि प्रदेश में 14 से 20 अप्रैल तक फायर सेफ्टी वीक मनाया जा रहा है। निगम दफ्तर में अधूरी तैयारी के साथ मॉकड्रिल की गई। अफसरों-मुलाजिमों को फायर सेफ्टी के बारे में सही तरह बताया नहीं गया। जब एसएफओ सुरिंदर सिंह से इस बारे में पूछा तो उसने अधिकारियों से बहसबाजी करते हुए मिसबिहेव किया। इसलिए उसे सस्पेंड किया गया है। मॉकड्रिल में सही प्रक्रिया न अपनाए जाने पर एडीएफओ को शोकॉज नोटिस दिया है।

भीड़ में बेइज्जती की, कोर्ट में चैलेंज करूंगा : एसएफओ

सब फायर अफसर सुरिंदर पाल ने कहा कि भीड़ के सामने उनकी वर्दी में बेइज्जती की गई। ऐसा पहली बार नहीं हुआ। वह इस मामले को कोर्ट तक लेकर जाएंगे और उन्हें नौकरी की परवाह नहीं है।

सस्पेंशन रद्द कराने कमिश्नर से मिलने पहुंचे दमकल कर्मचारी

फायर ब्रिगेड कर्मचारी शाम को सुरिंदर पाल का सस्पेंशन रद्द कराने कमिश्नर से मिलने पहुंचे। सुुरिंदर उनके साथ नहीं गए। कर्मचारियों से बैठक में कमिश्नर ने कहा, वह जानती हैं कि दमकल कर्मचारी 24 से 36 घंटे काम करते हैं लेकिन वे जिसके हक में बात करने आए हैं, वह खुद तो आया ही नहीं। उसे सही तरह पक्ष रखना चाहिए।

तीन मिनट चली बहस में किसने क्या कहा-पढ़ें पेज-6 पर

सम्मान करने के लिए लाए थे शॉल

दमकल कर्मचारी मॉकड्रिल के बाद मेयर और कमिश्नर का सम्मान करने के लिए शॉल लाए थे।

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