एमएस ने जीएनडीएच में 5 महीने के लिए लगाई तबादलों पर रोक
सरकारी विभागों में मलाईदार जगह पर पोस्टिंग आम बात है मगर अस्पताल जैसी जिम्मेदारी वाली जगह पर भी ऐसा खेल चले तो बात थोड़ी अटपटी लगती है। मगर गुरुनानक देव अस्पताल (जीएनडीएच) में यह सब इतने धड़ल्ले से चलता है कि नए मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) डॉ. सुरिंदर पाल भी इससे तंग आ गए। यही वजह रही कि पदभार संभालने के चंद दिनों बाद ही उन्होंने अगस्त तक अस्पताल में स्टाफ के तबादले पर रोक लगा दी है।
जीएनडीएच में हर दर्जे के मुलाजिम कोई न कोई जुगाड़ लगाकर अपना तबादला इमरजेंसी या दूसरे ऐसे विभागों में करवा लेते हैं जहां उन्हें टिप या किसी अन्य तरीके से ऊपरी कमाई हो जाए या फिर जहां काम कम हो। ऐसे में एमएस डॉ. सुरिंदर पाल ने अपने स्टेनो ऑफिस के गेट के बाहर बाकायदा लिखवाकर चस्पां करवाया है- ‘31 अगस्त 2018 तक कोई बदली नहीं होवेगी-बा-हुकुम मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएनडीएच।’ एमएस के इस आदेश से स्पष्ट है कि जीएनडीएच में अगले पांच महीने तक किसी भी विभाग के मुलाजिमों का कहीं दूसरी जगह तबादला नहीं होगा। डॉ. पाल का मानना है कि स्टाफ की बदली से न सिर्फ काम प्रभावित होता है बल्कि मरीजों को भी दिक्कत होती है। पद संभालने के बाद कुछ दिनों के अनुभव में उन्होंने इसे महसूस किया और इसी वजह से अगस्त तक तबादलों पर रोक लगा दी। अब जो मुलाजिम जहां है, वहां बेहतर तरीके से अपनी सेवा दे।
एमएस डॉ. सुरिंदर पाल ने अपने स्टेनो ऑफिस के गेट के बाहर बाकायदा लिखवाकर चस्पां करवाया है- ‘31 अगस्त 2018 तक कोई बदली नहीं होवेगी-बा-हुकुम मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएनडीएच।’