निगम कमिश्नर का 52 दिन में वर्कशॉप में दूसरा छापा, सरकारी ट्रक चलाता प्राइवेट कारिंदा काबू
नगर निगम कमिश्नर सोनाली गिरि ने शुक्रवार को हाथीगेट के पास निगम की ऑटो वर्कशॉप में फिर छापा मारा। इस दौरान उन्होंने एक प्राइवेट कारिंदे को सरकारी ट्रक चलाते पकड़ा, वहीं दूसरा कारिंदा ट्रॉली छोड़कर भाग गया। 52 दिनों में कमिश्नर ने दूसरी बार ऑटो वर्कशॉप में रेड की है। इससे पहले उन्होंने 21 फरवरी को भी ऑटो वर्कशॉप में दबिश दी थी।
निगम कमिश्नर सोनाली गिरि शुक्रवार शाम 5 बजे ऑटो वर्कशाप पहुंची तो वहां दो प्राइवेट कारिंदे निगम का ट्रक और ट्रॉली वर्कशॉप के अंदर खड़ा कर रहे थे। कमिश्नर की गाड़ी देखकर उनमें से एक भाग गया जबकि कालू नामक दूसरे कारिंदे को पकड़ लिया गया। इन दोनों गाड़ियों पर ड्राइवर विजय कुमार और वैष्णो ओंकार की ड्यूटी थी। कमिश्नर ने इस मामले की जांच हेल्थ अफसर डॉ. राजू चौहान को सौंपी है। उन्होंने कहा कि दोनों सरकारी ड्राइवरों का पक्ष सुना जाएगा और सोमवार को दोनों को डिसमिस करने के लिए लिखा जाएगा। पकड़े गए प्राइवेट कारिंदे और उसके फरार साथी पर कार्रवाई के लिए दुर्ग्याणा पुलिस चौकी को लिख दिया है। कमिश्नर के मुताबिक वर्कशॉप में पेट्रोल पंप के पास खड़े 3 युवक भी उन्हें देखकर भाग गए थे।
इससे पहले, 21 फरवरी 2018 की रात कमिश्नर ने वर्कशॉप में छापा मारा था। तब वहां 11 किलो भांग और खाली कैन मिलने पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। कमिश्नर के छापे के 29 दिन बाद, 21 मार्च 2018 को लोकल बॉडीज के चीफ विजिलेंस अफसर सुदीप माणिक ने वर्कशॉप में रेड कर गाड़ियों में भरे जाने वाले पेट्रोल-डीजल का रिकॉर्ड चेक करने के साथ लॉगबुक जब्त कर ली थी। 8 जोनों भी चैकिंग करने पर 15 गाड़ियों की लॉगबुक में खामियां मिली थीं और 700 लीटर तेल का कोई रिकॉर्ड नहीं था।
डेली रिपोर्ट ली तो 50% घट गई तेल की खपत
29 मार्च को विजिलेंस की रेड के बाद कमिश्नर सोनाली गिरि ने वर्कशॉप के पेट्रोल पंप के स्टाॅक की डेली रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे। डेली रिपोर्ट शुरू होने के बाद नगर निगम की गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल की खपत घटकर 50 फीसदी रह गई। 21 मार्च से पहले जहां वर्कशॉप के पंप पर रोज तकरीबन 4 हजार लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती थी वहीं 21 मार्च के बाद यह घटकर 2200 लीटर रह गई।
एसपीसीए ने निगम की जगह पर बनाई 3 दुकानें... निगम कमिश्नर ने शुक्रवार को सोसायटी फॉर द प्रिवेंशन ऑफ क्रूएल्टी टू एनीमल्स (एसपीसीए) की भी जांच की। इस दौरान वहां गंदगी मिली। साथ ही निगम की जमीन पर तीन दुकानें बनाने का खुलासा भी हुआ। इनमें से एक दुकान तो किराये पर भी चढ़ाई जा चुकी है। निगम के हेल्थ अफसर राजू चौहान ने कहा कि सोमवार को इस मामले में डीसी साहब से डिस्कस किया जाएगा।
एमटीपी विभाग ने छह निर्माणाधीन अवैध होटल, गेस्ट हाउस सील किए
मेयर और निगम कमिश्नर की सख्ती पर कार्रवाई
भास्कर न्यूज | अमृतसर
नगर निगम के एमटीपी डिपार्टमेंट की टीम ने शुक्रवार को वाल्ड सिटी में निर्माणाधीन 6 अवैध होटल/गेस्ट हाउस सील कर दिए। टीम ने पांच घंटे तक चौक बाबा भौड़ीवाला स्थित गेस्ट हाउस, माहना सिंह रोड, गली धरेख वाली, गली खैरदीन मेडिसन मार्केट और मोची बाजर में अवैध इमारतों पर कार्रवाई की। इससे पहले भी निगम 24 इमारतों को सील कर चुका है। शुक्रवार को की गई कार्रवाई में एटीपी कृष्णा, एटीपी जगदेव सिंह, इंस्पेक्टर वरिंदर मोहन, परमजीत सिंह, मलकीयत सिंह, हरप्रीत कौर व अन्य शामिल थे।
एमटीपी डिपार्टमेंट के अफसरों की लापरवाही के चलते सीलिंग के बावजूद कई अवैध इमारतें बन रही हैं। मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू और कमिश्नर सोनाली गिरि के सख्ती करने के बाद अब एमटीपी ने अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। इससे पूर्व, पिछले निगम कमिश्नर अमित कुमार ने 13 अवैध इमारतों को ढहाने के नोटिस जारी किए थे, लेकिन कार्रवाई होने से पहले ही उनका तबादला हो गया।
वाल्ड सिटी में अवैध बिल्डिंग्स को सील करती एमटीपी की टीम।