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जिला खजाना दफ्तर ने क्लियर हुए 6.50 करोड़ के वैट रिफंड पास किए

3 वर्ष पहले
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वैट डीलरों के लिए खुशखबरी है, जिला खजाना में पड़े 1 अप्रैल से लेकर 13 अप्रैल तक के 6.50 करोड़ रुपए की राशि के रिफंड कारोबारियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। खजाना दफ्तर में 31 मार्च तक पड़े 2.50 करोड़ के रिफंड पहले क्लियर नहीं हो पाए थे। वहीं अब सरकार ने एक्साइज व टैक्सेशन विभाग को वैट डीलरों के रिफंड तुरंत क्लियर करने की हिदायतें जारी कर दी हैं।

एईटीसी वन की तरफ से 1.15 करोड़ की फाइलें तैयार

असिस्टेंट एक्साइज व टैक्सेशन कमिश्नर 1 की तरफ से सरकार की हिदायतों के बाद 1.15 करोड़ के 35 नए रिफंड केस भी तैयार कर लिए गए हैं। इन फाइलों को मंगलवार तक खजाना दफ्तर में भिजवा दिया जाएगा। जिसके बाद संबंधित कारोबारियों को वैट रिफंड जारी हो जाएंगे।

एईटीसी टू दफ्तर ने 2 करोड़ की 30 फाइलें तैयार की

एईटीसी टू दफ्तर की तरफ से भी वैट डीलरों के 2 करोड़ की 30 फाइलें तैयार की हैं, जिन्हें दो दिन तक खजाना दफ्तर भिजवा दिया जाएगा। इस दफ्तर की तरफ से खजाना दफ्तर में 7.05 करोड़ की रिफंड राशि की 92 फाइलें भेजी गईं थी, जिनमें से लगभग सभी रिफंड पास हो चुके हैं।

रिफंड पेमेंट के प्रोसेस पर नजर

एक्साइज व टैक्सेशन विभाग नियमों के मुताबिक क्लियर हुए रिफंड केसों में रिफंड बिल, वाउचर और सेंक्शन लेटर ऑनलाइन व प्रिंट निकाल कर खजाना दफ्तर में सबमिट कर देता है। इसके बाद फंड आने पर खजाना दफ्तर से स्टेट बैंक आफ इंडिया के माध्यम से वैट डीलरों के बैंक खाते में पेमेंट हो जाती है।

कारोबारियों के पास कैपिटल की कमी, राहत मिलेगी: बजाज

कारोबारियों के पास पहले बिना वैट के स्टाक होता था, अब सारा स्टॉक जीएसटी सहित होने की वजह से ट्रेड के पास कैपिटल की बहुत कमी है। ऐसे में वैट रिफंड मिलने से राहत मिली है। बीके बजाज, प्रधान इंडो फॉरेन चेंबर आफ कामर्स

60 दिन से देरी पर ब्याज भी दें: एडवोकेट सहगल

वैट नियमों के मुताबिक रिफंड आवेदन के 60 दिनों में कारोबारियों का रिफंड क्लियर करना जरूरी है। इससे देरी होने पर कानून के मुताबिक प्रति माह आधा फीसदी ब्याज भी देना चाहिए। ऐसे केसों में इन्कम टैक्स की तर्ज पर ब्याज सहित रिफंड जारी होना चाहिए। नवीन सहगल, एडवोकेट

सरकार के आदेश आने पर उसी दिन रिफंड ट्रांसफर हो जाएंगे: मैणी

खजाना दफ्तर की तरफ से 13 अप्रैल तक के सभी रिफंड केसेस क्लियर कर दिए गए हैं। वहीं सरकार के आदेश आने पर विभाग की तरफ से भेजे गए अगले केस भी उसी दिन पास करके कारोबारियों को पेमेंट कर दी जाएगी। अमन मैणी , जिला खजाना अफसर

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