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3 माह में 526 छात्रों ने कराई काउंसलिंग भविष्य को लेकर चिंता में पीएचडी होल्डर

3 वर्ष पहले
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गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी ने तीन महीने पहले कैंपस में काउंसिलिंग सैल स्थापित किया गया, ताकि विद्यार्थी स्ट्रेस से दूरी बनाकर रख सकें। तीन महीनों में ही यहां आने वाले विद्यार्थियों की गिनती 526 हो गई है। यहां आ रहे अधिकतर विद्यार्थी या तो अकेलेपन के शिकार हैं या अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इनमें से कुछ रिलेशंस में तनाव को लेकर भी यहां पहुंच रहे हैं। इस काउंसिलिंग सैल का फायदा जहां विद्यार्थियों को है, वहीं 160 ऐसे लोग भी हैं, जो कुछ फीस देने के बाद बाहर से आकर यहां काउंसिलिंग का फायदा उठा रहे हैं।

काउंसिलर पीएचडी साइकोलॉजी डॉ. सोनिया कपूर ने बताया कि इस काउंसिलिंग सैल को शुरू करने का मुख्य मकसद ही विद्यार्थियों को स्ट्रेस से दूर रखने का है। सुबह और शाम वह विद्यार्थियों की मुफ्त में काउंसिलिंग करती हैं।

एक बड़ी गिनती पीएचडी कर रहे विद्यार्थी की भी है, जो काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे हैं। यह विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंता में हैं। थीसिस की सबमिशन के समय इनकी चिंता बढ़ जाती है कि पीएचडी डिग्री, लेकिन वे करेंगे क्या। ऐसे में उन्हें काउंसलिंग करके भविष्य की न सोचने के लिए कहा जाता है। वहीं पीएचडी सबमिशन में हो रही देरी के कारण भी कई चिंता में आ जाते हैं।

बचपन में शारीरिक शोषण का शिकार हुई कुछ छात्राओं ने भी उनके साथ संपर्क किया। यह वे छात्राएं थी, जो बचपन के सदमे को अभी तक अपने मन में छिपाकर बैठी थी। इस स्थिति में वह युवती हर पुरुष को शक की निगाह में देखती है। ऐसे में उन्हें काउंसिलिंग देकर समझाया जाता है कि हर कोई एक बराबर नहीं होता। एसी युवतियों की काउंसिलिंग न की जाए तो वह हमेशा पुरुषों से दूर रहने का प्रयास करती है, जो उनकी सफलता में रुकावट भी बनती हैं।

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