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43 साल बाद भी इंद्रा कॉलोनी में रहने वाले 80 परिवारों के घरों तक नहीं पहुंची बिजली

3 वर्ष पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ सौभाग्य स्कीम के तहत सभी घरों में बिजली पहुंचाने के दावे कर रहे हैं। वहीं पंजाब स्टेट पावर काॅर्पोरेशन और राज्य सरकार बिजली सरप्लस होने के दावे करती रहती है। परंतु अमृतसर के हलका वेस्ट के इलाके गुरु की वडाली से कोट खालसा को जाने वाली सड़क पर केंद्र की इंदिरा विकास योजना के तहत साल 1975 में इस इंदिरा कॉलोनी के 80 घरों को अभी तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला। दीवाली हो या फिर दशहरा, ईद हो या फिर लोहड़ी, इन घरों में रहने वाले लोग अपने घरों में बिजली आने का इंतजार पिछले 43 सालों से कर रहे हैं।

ऐसा नहीं कि यह लोग अपने घरों को बिजली से रोशन नहीं करना चाहते या फिर पावरकॉम अधिकारियों को जाकर नहीं मिले। इन परिवारों ने अपने घरों में बिजली की रोशनी पहुंचाने के लिए साल 2011 में 1440 रुपये सिक्योरिटी भी जमा करवाई। परंतु सिक्योरिटी जमा होने के बावजूद भी पावरकॉम ने आज तक इनके घरों को बिजली सप्लाई नहीं की।

रात को सोलर बैटरी और दीयों से घर होते हैं रोशन

इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले परिवारों के मुताबिक केंद्र की इंदिरा विकास योजना के तहत उन्हें सरकार ने 80 प्लाट दिए थे। इस पर वहां बसने वालों ने मुश्किल से घर को बना लिए परंतु अब घरों को रात के समय रोशन करने को तरस रहे हैं। उनका कहना है कि दिन का समय तो सूर्य की रोशनी से निकाल लेते हंै, परंतु जब रात होती है तो वह अपने घरों को रोशनी करने के लिए बाजार से खरीदी गई ढ़ाई सौ रुपये की सोलर बैटरी और सरसों के तेल डालकर बनाए दीए जलाकर अपने घरों को रोशन करते हैं। इन सोलर बैटरी को चार्ज करने के लिए लोग सुबह सूर्य में रख देते हैं और रात को अपने घरों में जला कर खाना बनाने समेत अन्य कामकाज निपटाते हैं। परंतु कई परिवार तो एेसे भी हैं जो सोलर बैटरी और सरसों का तेल तक नहीं खरीद पाते और उन्हें अंधेरे में रहना पड़ता है।

नेतागण आते हैं, वोट मांग कर चले जाते हैं

इंदिरा कॉलोनी में रहने वाले सुखविंदर सिंह, सुमन वाला, अमरजीत कौर, मिर्जा सिंह, बलविंद्र सिंह, सविंद्र सिंह, कुलदीप कौर, रिंकू, शिंदा सिंह ने बताया कि निगम चुनाव हो या विधानसभा या फिर लोक सभा चुनाव इनमें वोट लेने के लिए सभी नेतागण आ जाते हैं और बिजली से घर जगमगाने की बात भी कर जाते हैं। परंतु इलेक्शन जीतने के बाद बिजली लानी तो दूर वे खुद भी इन घरों की तरफ मुंह नहीं करते।

दो बिजली घरों में फंसा पेंच

इलाकावासियों ने बताया कि बिजली कनेक्शन लेने को वह नारायणगढ़ बिजली घर और खंडवाला बिजली घर के चक्कर लगा चुके हैं। परंतु नारायणगढ़ के एसडीओ डीपीएस सहोता उन्हें खंडवाला बिजली घर के एसडीओ नीरज कुमार के पास और नीरज कुमार फिर से नारायणगढ़ में भेज देते हैं। क्योंकि दोनों एसडीओ का तर्क है कि उन्हें बिजली पहुंचाने के लिए करीब दो से पांच किलोमीटर तक बिजली लाइन बिछानी पड़ेगी।

गुरु की वडाली से कोट खालसा को जाने वाली सड़क पर केंद्र सरकार की ओर से 1975 में बसाई इंदिरा कॉलोनी के लोग बिजली नहीं पहुंचने के बारे में बताते हुए।

सन 1975 में बसाई इंदिरा कॉलोनी में लोगों ने बिजली मीटर लगाने के लिए 2011 में 1440 रुपये की सिक्योरिटी भी जमा करवा दी है। इसके बावजूद वहां बिजली चालू नहीं हो सकी है और न ही मीटर लगाए गए।

बिजली सप्लाई नहीं पहुचने के कारण इंदिरा कॉलोनी के लोगों को रात के समय सोलर लाइट जलाकर ही अपने घरों को रोशन करना पड़ता है।

2 किमी तक लाइन बिछाने को लगेंगे 2 लाख: एसडीओ

इन घरों को बिजली देने के लिए करीब दो किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। जिसके तहत 2 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार होगा, जो लोगों को जमा करवाना होगा। जबकि नारायणगढ़ की तरफ से मुर्गी खाने तक बिजली सप्लाई देनी हैं और वहां से ये घर आधा किलोमीटर दूर पड़ते हैं, इसलिए बिना रुपये जमा करवाए वहां से बिजली सप्लाई हो सकती है। नीरज शर्मा, एसडीओ खंडवाला

खंडवाला से मिलेगी इन घरों को बिजली: एसडीओ सहोता

हमारी तरफ से जाने वाली बिजली लाइनें दूर हैं, उन घरों में रहने वाले लोगों को खंडवाला बिजली घर से ही सप्लाई होगी। क्योंकि हमारी तरफ से बिजली सप्लाई देने में वहां तक कई मोड़ हैं। बाकी इस संबंध में एक्सईएन जैसा बोलेंगे वैसा कर दिया जाएगा। डीपीएस सहोता, एसडीओ नारायणगढ़ बिजली घर

मैंने खुद जाकर साइट देखी थी: एसई प्रदीप

अकाली भाजपा सरकार के समय मैने और पूर्व चीफ साहिब ने खुद जाकर साइट देखी थी। जिसके लिए कुछ एस्टीमेट बनाने की बात हुई थी जो सरकार ने जमा करवाना था। परंतु सरकार बदलते ही किसी ने कोई बात आगे नहीं बढ़ाई और इन लोगों को बिजली सप्लाई नहीं हो सकी। प्रदीप कुमार शर्मा, एसई सबअर्बन सर्किल

किसी अधिकारी ने मेरे साथ बात नहीं की: कर्मजीत खैहरा

हरेक घर बिजली से जगमगाए यह सरकार और मैनेजमेंट की पॉलिसी है। परंतु 43 सालों से 80 घरों को बिजली नहीं पहुंची। इसके बारे मुझे किसी अधिकारी ने नहीं बताया। अब तो हरेक घर में बिजली सप्लाई देने के लिए केंद्र की सौभाग्य स्कीम शुरू हो चुकी है। इसी स्कीम के तहत इन घरों को बिजली सप्लाई दी जा सकती है और इसका इंतजाम भी किया जाएगा, ताकि इन लोगों के घर भी बिजली से रोशन हो सकें। कर्मजीत सिंह खैहरा, बार्डर जोन चीफ इंजीनियर

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