फूड सेफ्टी लाइसेंस के बगैर चल रही चार आइसक्रीम फैक्टरियों को शोकॉज नोटिस
गर्मी से बचने के लिए अगर आप आइसक्रीम का इस्तेमाल करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि जिस ठंडी और फ्लेवर युक्त आइसक्रीम को आप बड़े चाव से खाते हैं, उसे तैयार करने की प्रक्रिया में मानकों का ख्याल नहीं किया जाता, जो सेहत के लिए हानिकारक है। यह खुलासा सेहत विभाग की फूड टेस्टिंग टीम ने सोमवार को आइसक्रीम फैक्टरियों की छापेमारी करने के बाद किया।
जिला सेहत अफसर डाॅ. लखबीर सिंह भागोवालिया की टीम ने छेहर्टा और खंडवाला इलाके की चार आइसक्रीम फैक्टरी में खामियां पार्इ हैं। इस गर्मी के सीजन की पहली लीगल सैंपलिंग के बाद फैक्टरियों को शोकॉज नोटिस भेजकर सैंपल को लैब में चेकिंग के लिए भेज दिया गया है।
वर्करों की मेडिकल फिटनेस चेक नहीं थी, 11 सेंपल भरे
डाॅ. भागोवालिया ने बताया कि इन फैक्टरियों में छापेमारी की गई है, जिनमें रिमझिम आइसक्रीम खालसा कालेज, टिपटॉप आइसक्रीम खंडवाला, कार्तिक आइसक्रीम नारायणगढ़ और नारंग एजेंसी खंडवाला के नाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 11 सैंपल लिए गए थे, जिन्हें टेस्टिंग के लिए चंडीगढ़ लैब भेज दिया गया है। इनमें किसी के पास फूड सेफ्टी का लाइसेंस नहीं था। यह लोग जो पानी इस्तेमाल कर रहे थे। वो भी नगर निगम का था और फिल्टर की कोई व्यवस्था नहीं थी। हाईजीनिक पोजिशन भी खराब थी। वर्करों का कोई भी मेडिकल फिटनेस नहीं था। डाॅ. भागोवालिया ने बताया कि उनकी टीम ने दो मिठाई की दुकानों पर भी छापेमारी कर सैंपलिंग की।