परिवार को 20 लाख का मुआवजा दो
16 जून 2015 को एनकाउंटर किए गए अकाली नेता मुखजीत सिंह उर्फ मुक्खा के केस में मंगलवार को सुनवाई के दौरान पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने सरकार को पीड़ित परिवार को तुरंत 20 लाख रुपए मुआवजा देने के आदेश दिए है। हालांकि पांच लाख रुपए सरकार पहले ही परिवार को दे चुकी है। अब बाकी के 15 लाख रुपए देने के लिए कहा गया है। अपने हक के लिए पीड़ित परिवार पिछले पौने तीन साल से लगातार संघर्ष कर रहा है। पीड़ित परिवार की ओर से 50 लाख रुपए के मुआवजे की अपील दायर की थी, मगर हाइकोर्ट ने 20 लाख रुपए मुआवजा के तौर पर देने के लिए कहा है। हालांकि इस मामले में सभी आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ भी अदालत ने चार्ज फ्रेम कर दिए हैं और गवाहियों का दौर शुरू हो गया है। सभी पुलिस कर्मियों को हाइकोर्ट के आदेशों पर ही नौकरी से भी सस्पेंड किया जा चुका है।
22 मार्च को पुलिस कर्मियों पर चार्ज फ्रेम हुए थे
मुक्खा का परिवार आज भी उसकी फोटो देखकर भावुक हो जाता है।
अभी बीती 22 मार्च को जज जगमोहन सिंह की अदालत ने सभी आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या के मामले में चार्ज फ्रेम कर दिए हैं। अब सभी आरोपियों पर हत्या का मामला चल रहा है और गवाहियां भी शुरू हो चुकी हैं। इन आरोपी कर्मियों में बाद सब-इंस्पेक्टर रमेश कुमार, जोगिंदर सिंह सहित हेड कांस्टेबल रणबीर सिंह, राजेश कुमार, संदीप कुमार, जसबीर सिंह, कांस्टेबल नवजोत सिंह और सतविंदरजीत सिंह शामिल है। हालांकि अदालत ने इन सभी आरोपियों को जमानत दे रखी है। गौरतलब है कि 6 जुलाई 2016 को पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट के आदेशों के बाद सब-इंस्पेक्टर रमेश कुमार, जोगिंदर सिंह सहित हेड कांस्टेबल रणबीर सिंह, राजेश कुमार, संदीप कुमार, जसबीर सिंह, कांस्टेबल नवजोत सिंह और सतविंदरजीत सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया था।