डाटाविंड दफ्तर में 23 लाख की लूट, सीसी फुटेज उड़ा गए
मंगलवार तड़के करीब 3 बजे न्यू अमृतसर के पास मोबाइल/टेबलेट निर्माता कंपनी डाटाविंड के दफ्तर में घुसे तीन लुटेरे सिक्योरिटी गार्ड करमजीत सिंह को बंदी बनाकर करीब 23 लाख रुपए के मोबाइल फोन और टेबलेट लूट कर ले गए। लुटेरों ने अपने मुंह कवर किए हुए थे और उनके पास तेजधार हथियार भी थे। इतना ही नहीं लुटेरों ने डाटाविंड के दफ्तर के साथ ही बने तंदूरी नाइट्स रेस्टोरेंट का दरवाजा तोड़ा और वहां से करीब 11500 रुपए की नकदी भी चोरी कर ली। सिक्योरिटी गार्ड ने किसी तरह खुद को छुड़वाया और इस बारे में कंपनी के अधिकारियों को सूचित किया।
ऐसा पहली बार देखने को मिला है कि वारदात करने के बाद सीसीटीवी को डैमेज करने की बजाय लुटेरों ने डाटा डिलीट किया हो। इससे पुलिस को भी शक है कि यह काम कंपनी के ही किसी कर्मचारी का हो सकता है। अब वह कर्मचारी मौजूदा है या पूर्व, इस संबंधी जांच की जा रही है। एडीसीपी जगजीत सिंह वालिया ने कहा कि सीसीटीवी से लुटेरों ने फुटेज को डिलीट कर दिया है, मगर वह एक्सपर्ट के जरिए कैमरों की फुटेज निकलवाने की कोशिश कर रहे हैं।
मेरे गले पर दातर रख चाबियां ली : करमजीत सिंह
लुटेरे दफ्तर में पड़ी अलमारियों को तोड़ कर उनमें रखे मोबाइल ले गए। (दाएं ) वारदात के मौके पर पहुंच कर जांच करते पुलिस अधिकारी।
सिक्योरिटी गार्ड करमजीत सिंह ने बताया कि सुबह करीब तीन बजे अचानक तीन लुटेरे आए। उनके पास तेजधार हथियार थे। आते ही उन्होंने हथियार दिखाए और जान से मारने की धमकी दी और कमरे की चाबियां देने को कहा, मगर उसने देने से मना कर दिया। इस पर लुटेरों ने उससेे मारपीट की और कुर्सी पर बैठा कर रस्सी के साथ बांध दिया। फिर उसके गले पर दातर रख कर चाबियां ले लीं और अंदर घुस गए। अंदर से लुटेरों ने 523 मोबाइल और 120 टेबलेट चोरी किए व भाग निकले। डाटाविंड के मैनेजर हरकमल सिंह ने बताया कि उनके पास करीब 150 कर्मचारी ड्यूटी करते हैं, जबकि तीन सिक्योरिटी गार्ड ड्यूटी पर रहते हैं। इनमें से दो दिन के समय व एक रात के समय होता है। गत रात को करमजीत सिंह की ड्यूटी थी, जिसे तीन लुटेरों ने बंदी बना लिया और वारदात कर दी।
ऐसा पहली बार : डीवीआर डैमेज न करके डाटा डिलीट किया, शक कंपनी के कर्मचारियों पर