राज्य के 374 स्कूलों में से अमृतसर के 73, तरनतारन के 104 का नतीजा 20% से भी कम, प्रिंसिपल चंडीगढ़ तलब
अनुज शर्मा/विक्की कुमार | अमृतसर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से घोषित दसवीं के परिणामों में जहां राज्य की पास प्रतिशतता 62.09 प्रतिशत थी, वहीं अमृतसर और तरनतारन का परिणाम निराशाजनक रहा। आतंकवाद के दौर के बाद कभी भी अमृतसर जिले और 2006 में तरनतारन अलग होने के बाद से अब तक कभी भी दसवीं का परिणाम 55 प्रतिशत से कम नहीं आया था। लेकिन इस बार के परिणामों में दोनों जिलों की शिक्षा प्रणाली की पोल खोलकर रख दी।
अमृतसर की पास प्रतिशतता जहां 54.86 प्रतिशत रही, वहीं तरनतारन का परिणाम 33.34 प्रतिशत ही आया। अमृतसर में इस साल 30421 स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठे और उनमें से 16689 ही पास हो पाए। वहीं तरनतारन के 16972 स्टूडेंट्स परीक्षा में बैठे और 5659 ही पास हुए। शिक्षा विभाग की तरफ से जारी सूची के अनुसार अमृतसर में 14 और तरनतारन में 36 ऐसे स्कूल हैं, जिनका परिणाम शून्य रहा है। इतना ही नहीं शिक्षा विभाग ने 374 स्कूलों की ऐसी सूची तैयार की है, जिनका परिणाम सर्वाधिक निराशाजनक रहा। लेकिन हैरानी होगी कि इन स्कूलों की सूची में अमृतसर के कुल 73 और तरनतारन के 104 स्कूल भी शामिल हैं।
अमृतसर के 14 स्कूलों के सभी बच्चे फेल, 34 स्कूलों का परिणाम 10% से भी कम
तरनतारन के 36 स्कूलों का रिजल्ट शून्य, 26 के 10 प्रतिशत से कम बच्चे हुए पास
रिजल्ट बिगडऩे के 3 मुख्य कारण
953 अध्यापकों की कमी : जिला शिक्षा कार्यालय से पिछले सप्ताह ही शिक्षा विभाग को अध्यापकों की कमी की सूची बनाकर भेजी गई। हैरानी होगी कि अमृतसर जिले में 953 अध्यापकों की कमी है। रिपोर्ट के अनुसार जिले में सोशल साइंस के 238, गणित के 195, साइंस के 144, हिंदी के 143, पंजाबी के 115, डीपी 83 और अंग्रेजी के 35 अध्यापक कम हैं।
परीक्षा में सख्ती : इस साल शिक्षा विभाग के सचिव किशन कुमार ने खासकर बार्डर बेल्ट एरिया में परीक्षा के दौरान सख्ती की थी। एक तरफ स्कूलों के परीक्षा केंद्र अन्य जगह बनाने का फैसला और ऊपर से खुद जिलों में चैकिंग के लिए जाने के कारण नकल पर काफी हद तक लगाम लगी। दसवीं की साइंस विषय की परीक्षा के दौरान 27 मार्च को छेहर्टा के ग्रेस पब्लिक स्कूल में एक स्टूडेंट्स से पर्चियां मिली थी और उसकी यूएमसी काटी गई।
देरी से किताबें मिलना: फरवरी 2017 को हुए चुनावों का असर पंजाब के स्टूडेंट्स पर भी पड़ा था। अकाली सरकार प्रचार में इस कदर व्यस्त थी कि उन्होंने नवंबर-दिसंबर में किताबों की प्रिंटिंग के लिए खरीदे जाने वाले कागज की टेंडरिंग ही नहीं करवाई। बाद में अचार संहिता लागू हो गई और फिर इलेक्शन व नई सरकार के बनने के बीच नुकसान स्टूडेंट्स का हुआ। बच्चों को मिलने वाली किताबें देरी से छपीं। नवंबर 2017 तक भी कई किताबें सरकारी स्कूलों में बच्चों को नहीं मिल पाई थी।
अमृतसर के इन स्कूलों के सभी बच्चे फेल
स्कूल बच्चे
सीसे स्कूल मेहता नंगल 45
सीसे स्कूल सठियाला 55
हाई स्कूल शरीफपुरा 46
हाई स्कूल ठोठिया 16
सीसे स्कूल खब्बे राजपूतां 63
सीसे स्कूल रामबाग 62
हाई स्कूल नंगल सोहल 33
हाई स्कूल फताहपुर 12
हाई स्कूल जट्टा पशियां 17
हाई स्कूल मोड़े 54
हाई स्कूल खाप्परखेड़ी 15
हाई स्कूल पंधेर कला 6
हाई स्कूल रसूलपुर कलां 4
हाई स्कूल चाटीविंड 29
राज्य में पास परसेंटेज में दूसरे से 19वें स्थान पर पहुंचा अमृतसर
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से घोषित दसवीं के परिणामों में अमृतसर की पास प्रतिशतता पिछले साल के मुकाबले 29.09 फीसदी गिरकर मात्र 54.86 प्रतिशत रह गई। पास प्रतिशतता के मामले में अमृतसर 19वें नंबर पर पहुंच गया, जो पिछले साल 83.95 पास पर्सेंट के साथ दूसरे नंबर पर था।
तरनतारन के इन स्कूलों के सभी बच्चे फेल
स्कूल बच्चे
हाई स्कूल ढल 21
हाई स्कूल खारा तरनतारन 31
हाई स्कूल झुग्गियां नत्था 23
हाई स्कूल ब्वॉयस वैरोवाल 31
हाई स्कूल ठोठिया 30
हाई स्कूल अमरकोट 37
हाई स्कूल आसल उताड़ 28
हाई स्कूल बासरके हुंदल 28
हाई स्कूल भागोपुर 47
हाई स्कूल भूराकोहना 37
हाई स्कूल भूसे 26
हाई स्कूल चुंग 38
हाई स्कूल दासूवाल 33
हाई स्कूल दुहाल कोहनान 22
हाई स्कूल दयाल राजपूतां 26
हाई स्कूल गंडीविंड टठ्ल 36
सीस स्कूल खेमकरण 49
हाई स्कूल मल मोहरी 14
स्कूल बच्चे
हाई स्कूल कदगिल 31
हाई स्कूल काले 20
हाई स्कूल कलियां सन कतरा 12
हाई स्कूल खैरदीनके 29
हाई स्कूल खान छपरी 19
कोटली वसावा सिंह 22
हाई स्कूल मस्तगढ़ 16
हाई स्कूल महमूदपुरा 28
हाई स्कूल नंदपुर 28
हाई स्कूल पहुविंड 28
हाई स्कूल रतोके 33
हाई स्कूल संघे 12
हाई स्कूल सरलीकलां 37
हाई स्कूल तख्तूचक्क 17
हाई स्कूल तूत 18
हाई स्कूल वां-तारा सिंह 8
सीस स्कूल गंडीविंड 57
सीस स्कूल ठट्ठी खारा 53