धर्म स्थलों पर जलने वाले दीयों के घी में भी मिली मिलावट
फिल्म “उपकार’ का गीत-”देते हैं भगवान को धोखा इंसां को क्या छोड़ेंगे...’ को सेहत विभाग की तरफ से खाने-पीने की वस्तुओं की क्वालिटी चेक करने के लिए चलाई जा रही फूड टेस्टिंग वैन की रिपोर्ट में सटीक पाया गया है। सेहत विभाग की टीम उस वक्त हैरान रह गई जब उसे धर्म स्थानों पर जलाए जाने वाले चिरागों और ज्योतियों में इस्तेमाल देसी घी भी मिलावटी मिला। यही नहीं, चढ़ाई जाने वाली मिठाई खास करके बर्फी पर लगाए जाने वाला चांदी का वर्क एल्युमीनियम से तैयार पाया गया है।
देसी घी के 4 में से 3 सैंपल फेल, चढ़ाई जाने वाली बर्फी पर चांदी की जगह मिला एल्युमीनियम का वर्क
मिर्च-मसालों और हल्दी में मिलावट की ज्यादा शिकायतें
सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा तथा फूड डायरेक्टर वरुण रुजम की तरफ से जिले में चलाई जा रही उक्त वैन पहली शहरी और ग्रामीण इलाकों के खाने-पीने की वस्तुओं की सैंपलिंग कर रही है। इसके तहत मिर्च-मसाले, हल्दी, दूध-दही, घी, कोल्ड ड्रिंक्स, पानी, शरबत, आइसक्रीम, मिठाई, समोसे आदि की सैंपलिंग हो रही है। जिला सेहत अफसर डॉ. लखबीर सिंह भागोवालिया ने बताया कि अब तक 1000 सैंपल लिए गए, जिसमें मिर्च-मसालों व हल्दी में सिंथेटिक कलर, दूध में पानी तथा पानी में डीटीएस के कम होने की शिकायत रही है।
धार्मिक स्थलों की सैंपलिंग पहली बार
डॉ. भागोवालिया ने बताया कि उनकी टीम ने उन धर्म स्थलों को चिह्नित किया जहां पर देसी घी के चिराग जलाए जाते हैं और मिठाई चढ़ाई जाती है। एक खास इलाके के धर्म स्थान के बाहर छोटी-छोटी प्लास्टिक की थैलियों में बेचे जाने वाले देसी घी के सैंपल लिए तब पता चला कि इंसान इस हद तक गिर सकता है। उनका कहना है कि चिराग वाले घी के चार सैंपल लिए गए थे, जिसमें से तीन में वनस्पति घी की मात्रा ज्यादा रही। जब इस बारे दुकानदारों से पूछताछ की गई तो उनका कहना था कि अमुक मंडी से वह लोग पैक टीन में इसे खरीद कर लाते हैं। वह मानते हैं कि ऐसा स्थानों को सप्लाई पर अक्सर कोई ध्यान नहीं देता जिस कारण यह मिलावट हो रही है।
आस्था की आड़ में चांदी की जगह खिलाया जा रहा एल्युमीनियम
विभाग की टीम ने जब धर्म स्थान के बाहर मिठाई की दुकान पर चांदी की वर्क वाली बर्फी का सैंपल लिया तो उसने और भी हैरान कर दिया। चूंकि बर्फी की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए उस पर चांदी का वर्क चढ़ाया जाता है। यह सेहत के जरिए से फायदेमंद भी होती है। लेकिन जिस बर्फी का सैंपल लिया गया उस पर एल्यूमीनियम का वर्क चढ़ा हुआ था। डॉ. भागोवालिया का कहना है कि यह लोगों की आस्था ही नहीं बल्कि सेहत का भी मामला है इसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।