ब्यास दरिया में बड़े स्तर पर मछलियों की मौत हो जाने की घटना की जांच के लिए डिप्टी कमिश्नर अमृतसर कमलजीत सिंह संघा के बुलावे पर गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनीमल साइंस यूनिवर्सिटी लुधियाना से तीन साइंटिस्ट पहुंचे। इस टीम में डा. सयैद हसन, डाॅ. एसएन दत्ता और डाॅ. मनदीप सिंह बल शामिल थे। उन्होंने पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और जंगली जीव महकमे के अधिकारियों के साथ वहां का दौरा करके पानी के नमूने लेने के साथ मरी हुई मछलियों के नमूने भी जांच के लिए। वेटरनरी यूनिवर्सिटी के फिशरीज कॉलेज के डीन डाॅ. कुलबीर सिंह संधू ने बताया कि गहरे पीले रंग का पानी ब्यास में मिल चुका है। मरी मछलियों में बड़े आकार की कैट फिश और कार्प फिश के साथ छोटे आकार की चेला और पुंटिस जाति की मछलियां शामिल हैं।