नगर निगम एस्टेट विभाग की टीम ने रानी का बाग से रेहड़ियां उठाई।
भास्कर न्यूज | अमृतसर
नगर निगम के एस्टेट विभाग ने इलाके वालों की शिकायत पर शुक्रवार सुबह रानी का बाग से रेहड़ियां उठाई। इलाका पार्षद नीतू टांगरी के पति संजीव टांगरी के नेतृत्व में इलाके वालों और दुकानदारों ने रेहड़ी वालों के खिलाफ सुबह 10 बजे नगर निगम में धरना देना था लेकिन एस्टेट विभाग ने इससे आधा घंटा पहले जाकर ही कार्रवाई कर दी। इलाके वालों की शिकायत थी कि रेहड़ियों पर मनचले युवक जा रहते हैं।
कांग्रेस नेता संजीव टांगरी व अन्य ने कहा कि 15 दिन पहले एस्टेट विभाग ने सारी रेहड़ियां उठा ली थी। इसके बाद रेहड़ी फड़ी यूनियन के प्रधान ने गुमराह करके दोबारा से वहां पर रेहड़ियां लगवा दी। इलाके वालों की शिकायत है कि रेहड़ी वाले कारों के अंदर बैठकर शराब पीने वालों को खाने का सामान परोसते हैं। इस दौरान बाहर से आए लोग कोठियों के आगे कारें खड़ी कर देते थे और एतराज जताने पर झगड़ा भी करते थे। इस बारे में उन्होंने निगम कमिश्नर सोनाली गिरि को भी शिकायत की थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई है।
रेहड़ी वाले ज्वाइंट कमिश्नर से मिले
रानी का बाग में रेहड़ियां लगाने वाले शुक्रवार को प्रधान डा. इंदरपाल के नेतृत्व में नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर सौरभ अरोड़ा से मिले। अरोड़ा ने कहा कि इलाके वालों की शिकायत पर रेहड़ियां उठाई गई हैं, वहीं यह सारा मामला निगम कमिश्नर के ध्यान में हैं और सोमवार उनके आने पर बात हो पाएगी।
निगम ज्वाइंट कमिश्नर अरोड़ा के मुताबिक स्ट्रीट वेंडिंग पालिसी के तहत शहर में 16345 रेहड़ियां चिन्हित की गई हैं। जिनकी रजिस्ट्रेशन हो चुकी है और आईडी कार्ड बन चुके हैं। अब रेहड़ी वालों को अलग-अलग जगहों पर बिठाया जाना है और सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। वहीं उनसे वन टाइम फीस ली जानी है।