मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव सचिन सिन्हा ने शुक्रवार को अमौर एवं बैसा प्रखंड का दौरा किया। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास की स्थिति का जायजा लिया। संयुक्त सचिव ने आदर्श मध्य विद्यालय अमौर का निरीक्षण किया और विद्यालय वर्ग कक्ष स्थिति, छात्र छात्राओं एवं शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति, पठन पाठन की व्यवस्था, साफ सफाई की व्यवस्था, विधि व्यवस्था, एमडीएम व्यवस्था की समीक्षा की।
समीक्षा के क्रम में विद्यालय में चावल के अभाव में दस दिनों से एमडीएम बंद पाया गया। जिस पर संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई तथा विद्यालय में शीघ्र एमडीएम चावल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा बच्चों को मध्याह्न भोजन की योजना से लाभान्वित किए जाने के कड़े निर्देश दिए। संयुक्त सचिव ने जनता हाई स्कूल विष्णुपुर में प्रयोगशाला की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे लेकिन विद्यालय मॉर्निंग होने के कारण 12:00 बजे विद्यालय बंद हो चुका था और सभी छात्र छात्राएं व शिक्षक विद्यालय से निकल चुके थे। दौरे के दौरान उन्होंने गेरूआ कसबा जर्जर मार्ग से गुजरते हुए क्षेत्र में विकासात्मक कार्यक्रमों की स्थिति का जायजा लिया।
केंद्रीय संयुक्त सचिव ने बैसा प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रौटा का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र के आउटडोर एवं एडमिट मरीजों की स्थिति, मरीजों के बैठने व ठहरने की व्यवस्था, पेयजल की सुविधा, जेनरेटर की सुविधा, साफ सफाई की व्यवस्था एवं पीएचसी के विभिन्न विभागों की बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्था पर संतोष प्रकट किया। केंद्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सिरीनंदन प्रसाद सहित सभी चिकित्सक, एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मी यूनिफार्म में उपस्थित थे। दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में संयुक्त सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार देश के आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के उद्देश्य से अधिसंरचना को सुधारने के लिए प्रय|शील है। सरकार ने देश में सर्वाधिक पिछड़ा जिला के रूप में बिहार के 13 जिलों में पूर्णिया जिले को भी चिन्हित किया है। इन पिछड़े जिलों के सर्वांगीण विकास के लिए नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है।