क्षेत्र में हिरणों की तादाद काफी है। यह प्रकृति के हिसाब से सही है तो दूसरी ओर तादाद बढ़ने के साथ ही हिरण चारे-पानी के लिए भी तरसते नजर आ रहे हैं।
लिसाड़ी गांव के पास पानी की तलाश में हिरणों का एक झुंड सड़क पर भटकता हुआ दिखाई दिया। यह पानी पीने के लिए इधर-उधर भटक रहा था। क्योंकि समीप ही एक नाला बहता है, जहां पर यह पानी पीते हैं, लेकिन इसमें पानी जब दाईं मुख्य नहर चलती है तब आता है।
वर्तमान में दाईं मुख्य नहर भी सूखी हुई है और नाला भी सूखा हुआ है। खेतों में भी फसलें कट गई हैं। जिसके चलते ना तो हिरणों को पानी मिल रहा और न चारा। जिसके चलते यह सड़कों पर भी विचरण करते हुए दिखाई देते हैं। हिरणों के सड़क पर भागने से दुपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का अंदेशा रहता है।
अंता. पानी की तलाश में सड़कों पर विचरण करते हिरण।