समय पर भुगतान नहीं मिलने से नाराज ग्रामपंचायत पचेलकलां के मनरेगा श्रमिकों ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उनको कार्य का उचित भुगतान नहीं दिया जाता।
ग्राम पंचायत के ग्रामसेवक व सचिव मनमानी करते हैं तथा मिलीभगत कर रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि सरकार की आेर से नरेगा श्रमिकों को 192 रुपए दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन ग्राम सेवक तथा सचिव मात्र 50 रुपए प्रतिदिन दे रहे हैं। शिकायत करने पर अभद्रता करते हैं। साथ ही मस्टररोल को गायब कर दिया जाता है। नरेगा के श्रमिकों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन महीनों तक भुगतान नहीं मिलता है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। जब कि वे सुबह सात से दोपहर दो बजे तक भीषण गर्मी में काम करते हैं। इस दौरान पचेलकलां से करीब दो ट्रॉलियां भर कर नरेगा श्रमिक एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां उप एसडीएम मनोज कुमारमीणा ने श्रमिकों की समस्याएं सुनी तथा जल्द उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस मामले में एसडीएम मीणा ने बताया कि ग्रामीणों ने जो समस्या बताई है उसको जल्दी वह खुद जाकर देखेंगे तथा कहां पर कमी है इसकी भी जांच की जाएगी।
बारां. मनरेगा संविदा कार्मिकों के आंदोलन के समर्थन में तथा पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों के कैडर रिव्यू की मांग सहित नैसर्गिक न्याय प्राप्त नहीं होने से क्षुब्ध मंत्रालयिक कर्मचारियों ने प्रदेशाध्यक्ष पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन जयपुर के आह्वान पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को जिलाध्यक्ष रामचरण मीणा के नेतृत्व में ज्ञापन दिया। मांग-पत्र में शामिल मांगों को पूरा नहीं करने से परेशान कर्मचारियों ने शुक्रवार को समस्त पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों की ओर से मनरेगा कार्यों का बहिष्कार करने का निर्णय किया। मांगें शीघ्र नहीं मानी गई, तो 24 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने एवं इसके बाद भी कोई सकारात्मक कदम सरकार की ओर से नहीं उठाने पर 11 जून को जयपुर कूच करने की चेतावनी दी है। इस दौरान कोषाध्यक्ष निर्मल नागर, योगेंद्र सिंह नरुका, भीमसेन मीणा, श्यामसुंदर वर्मा, लोकेश राठौर, सुनील जोशी आदि उपस्थित रहे।
अंता. अपनी मांगों को लेकर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते पचेलकलां के मनरेगा श्रमिक।