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कुख्यात रंजीत चौधरी का शूटर अभिषेक पिस्टल लिए पटना के नौबतपुर से धराया

3 वर्ष पहले
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भोजपुर जिले के कुख्यात रंजीत चौधरी का शूटर अभिषेक सिंह को पटना जिले के नौबतपुर से रविवार को गिरफ्तार किया गया है। मुठभेड़ के बाद पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जेल में बंद कुख्यात अपराधी रंजीत चौधरी एवं पवन चौधरी के जेल में जाने के बाद अभिषेक गिरोह का संचालन कर रहा था। हत्या, लूट व रंगदारी सहित कई मामलों में पुलिस उसे तलाश रही थी। पटना जिले के नौबतपुर के बेला गांव से उसकी गिरफ्तारी हुई है। रंजीत गिरोह का एक शूटर विकास भागने में सफल रहा। गिरफ्तार अभिषेक के पास से पिस्टल, दो मैग्जिन व जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। यह मूल रूप से भोजपुर जिले के चांदी थाना क्षेत्र के लोदीपुर का रहने वाला है। यह बेलाउर गांव के रंजीत चौधरी गिरोह का खास शूटर है। उसकी गिरफ्तारी से पटना, भोजपुर और बक्सर जिले की पुलिस ने राहत की सांस ली है।

बंद होने लगी थी खिड़कियां, ताबड़तोड़ फायरिंग से मची अफरातफरी

पटना के एसएसपी मनु महाराज को गुप्त सूचना मिली कि बेला गांव में कुख्यात अपराधी अभिषेक और विकास दोनों आए हुए हैं। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम ने बेला गांव में सर्च करना शुरू कर दिया। अचानक एक घर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस ने भी फायरिंग का जवाब दिया। फायरिंग के बीच रंजीत गिरोह का एक सदस्य विकास भाग निकला। पुलिस ने अभिषेक को धर दबोचा। उसके पास से एक पिस्टल और दो मैग्जिन व कारतूस मिले।

पहले मनोज गिरोह में था अभिषेक, पैसे के लेन-देन के बाद रंजीत गिरोह का बना शूटर

पटना जिले के बिहटा इलाके के कुख्यात अपराधी मनोज सिंह व अमित सिंह के साथ मिलकर अभिषेक भी एक गिरोह का संचालन करता था। मनोज सिंह और अभिषेक के बीच पैसे की लेन-देन को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हो गए थे। अभिषेक ने रंजीत गिरोह ज्वाइन किया और जल्द ही उसका खास शूटर बन गया। जेल में बंद पवन चौधरी के साथ मिलकर उसने कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। जिसमें सर्वाधिक रंगदारी एवं हत्या के मामले हैं। रंजीत चौधरी के जेल जाने के बाद कुख्यात पवन चौधरी के साथ मिलकर अभिषेक कई अपराधिक घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पवन चौधरी के जेल जाने पर गिरोह के संचालन की जिम्मेवारी अभिषेक ने संभाल ली। इस गिरोह में कई नए लड़के भी शामिल हैं। जिसके बल पर अभिषेक अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता चला गया। भोजपुर जिले के कई थानों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

रंजीत का पोस्टर फाड़ने पर रिटायर्ड फौजी की हत्या की

छठ के वक्त लोदीपुर में रंजीत चौधरी का पोस्टर फाड़े जाने के बाद नाराज अभिषेेेेक ने अपने रिश्तेदार रिटायर्ड फौजी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। कुछ दिन बाद बालू घाट पर एक कर्मी की सरेआम गोली मार हत्या कर दी गई। बालू माफियाओं से रंगदारी की मांग की थी। जिसके बाद से पुलिस बेचैन थी। अभिषेक ने पकड़ने गई पुलिस पर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया था।

बूटन चौधरी से अलग होने के बाद रंजीत ने बनाया था नया गैंग, पवन व अभिषेक बन गए थे खास शूटर

उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव निवासी कुख्यात अपराधी रंजीत चौधरी फिलहाल पटना जिले के बेउर जेल में कैद है। बेलाउर गांव के बूटन चौधरी और रंजीत चौधरी ने अपराध की कई घटनाओं को साथ-साथ अंजाम दिया था। उस समय बूटन चौधरी को कई राजनीतिक लोगों का संरक्षण था। बाद में गांव में किसी बात पर रंजीत चौधरी को बूटन चौधरी ने गाली दी। इसके बाद मामला बढ़ गया और दोनों में अदावत हो गई। उसी दिन रंजीत चौधरी ने बूटन चौधरी को गोली मार दी थी। जिसके बाद बुटन चौधरी जख्मी हो गया था। रंजीत चौधरी फरार हो गया था। इसके बाद रंजीत चौधरी के भाई हेमंत चौधरी की हत्या कर दी गई।

सूत्रों का कहना है कि उस समय रंजीत ने पुलिस वालों से संपर्क कर भाई के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मिन्नतें की थी। पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होते देख रंजीत ने अपना अलग गैंग खड़ा किया। इस दौरान गांव में बूटन चौधरी के पास ए.के 47 की सूचना पर रंजीत चौधरी ने पकड़ कर हथियार सहित पुलिस के हवाले कर दिया था। फिलहाल बुटन चौधरी आरा जेल में बंद है। उसके बाद रंजीत चौधरी ने एक गैंग तैयार किया। जिसमें खासम-खास पवन चौधरी एवं अभिषेक सिंह को शामिल किया।

कुख्यात अभिषेक सिंह, फाइल फोटो।

आरा शहर में अभिषेक के नाम पर मांगी जाती थी रंगदारी

आरा शहर में कोचिंग संचालकों, कई चिकित्सकों एवं मोबाइल व्यवसायी से रंगदारी की मांग अभिषेक के नाम व्हाट्सअप एप के जरिए की गई थी। अप्रैल माह में कई घटनाओं को अंजाम दिया था। गोढ़ना रोड में होम्योपैथ डॉक्टर के एक क्लीनिक पर फायरिंग कर 5 लाख रूपए की रंगदारी मांगी थी। 7 अप्रैल को नवादा थाना क्षेत्र के केजी रोड के रहने वाले मोबाइल दुकानदार से 5 लाख रूपए की रंगदारी की मांग, एक कोचिंग संचालक से 10 लाख रूपए की रंगदारी की मांग की थी। पुलिस लगातार कोचिंग संचालक को सुरक्षा दे रही थी, पर अभिषेक के नाम पर रंगदारी की मांग लगातार होती रही।

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