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कोईलवर गर्ल्स मिडिल स्कूल का हाल, 2 शिक्षक छुट्‌टी या बैठक में गए तो एक पर होता है सबको पढ़ाने का भार

3 वर्ष पहले
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कन्या मध्य विद्यालय, कोईलवर में छात्र-छात्राओं के अनुपात में कम शिक्षक हैं। शिक्षकाें की कम संख्या होने के कारण पढ़ाई पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अभिभावकों का दबाव रहता है कि विद्यालय में नियमित पढ़ाई हो। उधर, शिक्षकों की परेशानी है कि विभागीय काम के कारण कई बार एक शिक्षक पर तीन कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने का भार आ जाता है।

जिससे उन्हें भी समझ में नहीं आता कि किस कक्षा में जाकर पढ़ाएं, किसमें नहीं। विद्यालय कोईलवर नगर पंचायत की वार्ड संख्या-8 में स्थित है। यहां नामांकित छात्र-छात्राओं की संख्या 185 है। लेकिन, इसके अनुपात में शिक्षक नहीं है। शिक्षा विभाग के नियम के अनुसार विद्यालय में पांच शिक्षक होने चाहिए। परन्तु, प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षक ही पदस्थापित हैं।

कोइलवर कन्या मध्य विदद्यालय में एक शिक्षिका के भरोसे तीन कक्षाएं। खुद मिड डे मिल का बोझ उठाते बच्चे।

मंगलवार को भी इकलौती शिक्षिका पर था तीन कक्षा को पढ़ाने का भार

मंगलवार को प्रधानाध्यापक को सीआरसी बैठक में जाने व एक शिक्षक के छुट्टी पर चले जाने के कारण एक शिक्षिका पर तीन कक्षाओं के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने का जिम्मा था। तीनों कक्षाओं में एक सौ से ज्यादा छात्राएं थीं। एक कक्षा में शिक्षिका पढ़ाने लगती, तो दूसरी कक्षा की छात्राएं बरामदे में घूमने लगते थे। जब वे दूसरी कक्षा में जातीं, तब अन्य कक्षा की छात्राएं कमरे से बाहर निकल जाती थीं।

रसोईया को नहीं पता, कितना एमडीएम बनेगा

किचेन में खाना बना रही रसोईया लक्ष्मी देवी से पूछा गया कि कितने बच्चों का खाना बन रहा है। जवाब मिला, नहीं जानकारी है। अंदाज पर चावल बना रहे हैं। मेनू में सोयाबीन की सब्जी व चावल बना था। सोयाबीन की सब्जी दाल जैसी दिख रही थी। जिसमे गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया था। कुछ छात्राओं ने कहा कि खाने में कोई स्वाद नही रहता है। पानी जैसी सब्जी व दाल परोसी जाती है। विद्यालय में चापाकल से गन्दा पानी निकल रहा है। इस कारण बाहर से पानी लाने जाना पड़ता है। एमडीएम प्रभारी शिक्षक के छुट्टी में रहने से बात नहीं हो सकी।

छात्रों ने लगाया टीसी के बदले पैसे लेने का आरोप, एचएम बोली- बेबुनियाद है आरोप

सिटी रिपोर्टर| कोईलवर

कन्या मध्य विद्यालय, कोईलवर में टीसी के लिए छात्रों से पैसा लेने का मामला प्रकाश में आया है। जिसे लेकर छात्रों ने हंगामा भी किया। दरअसल, एक छात्र 7 वीं की परीक्षा पास करने के बाद 8 वीं पास का टीसी के विद्यालय आया था। लेकिन 8 वीं पास का टीसी देने से प्रधानाध्यापक ने मना कर दिया। जबकि उसी स्कूल में पढ़ने वाले दो छात्र धर्मवीर कुमार व छोटू कुमार से पैसे लेकर 8 वीं पास का टीसी निर्गत कर दिया गया था। मामला बढ़ता देख एचएम ने दोनों छात्रो को दिए गए टीसी को वापस लेने के लिए छात्रों के घर भेजा। लेकिन दोनों छात्रों ने टीसी देने से मना कर दिया। छात्र छोटू व धर्मवीर की मानें तो टीसी देने के बदले उन दोनों से पैसे लिए गए थे। हालांकि वहां मौजूद 8 वीं पास एक छात्र तुषार पाण्डेय ने बताया कि उनसे टीसी के लिए कोई पैसे नहीं लिए। इस मामले में एचएम रौशन आरा ने बताया कि रकम वसूली का आरोप बेबुनियाद है।

छात्र अनुपात से अधिक शिक्षक होने पर हटाए जाएंगे

कोईलवर के बीईओ हीरालाल सिंह ने कहा कि ऐसे विद्यालयों में जल्द ही शिक्षकों का समायोजन किया जायेगा। जिन विद्यालय में अनुपात से अधिक शिक्षक हैं, वहां से शिक्षक हटाकर दूसरे विद्यालय में भेजे जाएंगे। शिक्षकों के समायोजन के लिए समिति की बैठक में मुद्दा उठाया गया था। लेकिन फैसला नहीं हो सका।

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