कृषि प्रौद्योगिकी प्रबन्ध अभिकरण (आत्मा) के द्वारा जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला-सह-प्रशिक्षण-2018 खरीफ महाभियान-सह- महोत्सव का शुभारंभ नागरी प्रचारिणी सभागार में खान व भुतत्व विभाग सह प्रभारी मंत्री विनोद कुमार सिंह ने किया। अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी संजय नाथ तिवारी ने व संचालन उप परियोजना निदेशक राणा राजीव रंजन ने की। संबोधित करते हुए मंत्री विनोद कुमार सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम किसान के आय को दुगना करने के लिए भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों मिल जुलकर कार्य कर रही है। अपने को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि हम भी किसान के बेटे है और हम खेती कैसे होता है और किसानों का दर्द क्या है, सब जानते हैं। किसान सलाहकार किसानों की रीढ़ होते हैं। यह देश कृषि प्रधान देश है। सबसे ज्यादा अन्न भोजपुर जिले के किसान कड़ी मेहतन करके उत्पन्न करते हैं। किसान सलाहकार अपनी टीम के साथ हरेक गांव में जाकर किसानों को सरकारी कृषि योजनाओं के बारे में जानकारी दें।
खरीफ महाभियान-सह-महोत्सव का हुआ शुभारंभ, विकास वाहन रथ के माध्यम से सभी प्रखंडों में कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी
खरीफ महोत्सव कार्यशाला को सम्बोधित करते प्रभारी मंत्री विनोद कुमार सिंह।
23 से 31 मई तक प्रखंडवार किसानों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
जिला कृषि पदाधिकारी संजय नाथ तिवारी ने कहा कि प्रखंडों में भी कृषि मेला लगाने से काफी संख्या में किसान लाभान्वित होते हैं। हमारे किसान सलाहकार व कृषि समन्वयक गांव में जाकर किसानों की समस्याओं का निदान करते हैं। किसानों को ऑनलाइन खरीद-बिक्री की भी सुविधा पॉश मशीन से मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि खरीफ महोत्सव के तहत 23 मई से 31 मई तक प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर किसानों को प्रशिक्षण व योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही विकास वाहन रथ के माध्यम से सभी प्रखंडों में योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
अरहर, मक्का, ज्वार व सोयाबीन जैसी फसलों काे बढ़ावा दें किसान
कृषि विज्ञान केन्द्र के हेड डॉ पीके द्विवेदी ने कहा कि मौसम में बदलाव हो रहा है और कृषि यंत्रों के सही तरीके अपनाकर हम धान की अच्छी पैदावार लेने के साथ ही खर-पतवारों का नियंत्रण कर सकते हैं। मौसम में काफी परिवर्तन हो रहा है। अत: कृषि में बदलाव लाने के लिए हमें अन्य लाभकारी फसलें जैसे अरहर, मक्का, ज्वार व सोयाबीन जैसी फसलों काे बढ़ावा देना होगा। संबोधित करने वालों में संयुक्त निदेशक पौधा संरक्षण दिनेश प्रसाद, परियोजना निदेशक, जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव अजीत कुमार मेहता, आत्मा श्यामसुंदर राय, सहायक निदेशक उद्यान विरेन्द्र कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जीविका संजय पासवान, कृषि वैज्ञानिक सुप्रिया वर्मा थी। मौके पर सभी बीएओ थे।