सड़क दुर्घटना में बुरी तरह जख्मी बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ आरा-छपरा पथ को राजापुर के समीप दो घंटे तक जाम कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पथ पर आगजनी भी की। मृतक कोईलवर थाना क्षेत्र के राजापुर बाबूगंज निवासी मो वजीर के 58 वर्षीय पुत्र वसी अहमद बताए जाते हंै।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार वसी अहमद राजापुर बाजार कुछ सामान लेने आ रहे थे। इसी बीच आरा-छपरा पथ पर छपरा की ओर से आ रहे तेज रफ़्तार ट्रक ने धक्का मार दिया था। जिससे बुजुर्ग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल आरा ले जाया गया। वहीं ग्रामीणों ने ट्रक को घेर लिया लेकिन चालक भागने में सफल रहा।
पुत्र ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
दुर्घटना में गंभीर जख्मी बुजुर्ग की इलाज के दौरान शनिवार की सुबह 11 बजे मौत हो गयी। मृतक का पुत्र अकबर ने बताया कि सदर अस्पताल में चिकित्सकों ने ठीक से इलाज नही किया व लापरवाही की जिससे उनकी मौत हो गयी। जिसे लेकर ग्रामीण शव को राजापुर ले चले आये और शव को आरा-छपरा पथ पर रख जाम कर दिया। परिजन मुआवजे व ट्रकों की रफ्तार पर लगाम की मांग करने लगे। इधर, जाम की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष पंकज सैनी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगो को समझा जाम हटवाया। जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंपा। इधर, लगभग दो घंटे तक आरा-छपरा पथ जाम रहने के कारण सैकड़ों वाहन फंसे रहे।
नो इंट्री खत्म होते बेलगाम दौड़ते हैं ट्रक, अक्सर
होते हैं हादसे, पुलिस नहीं करती कार्रवाई
ग्रामीणों ने कहा कि आरा-छपरा पथ पर नो इंट्री खत्म होते ही इस पथ पर ट्रक पहले निकलने की होड़ में बेलगाम दौड़ने लगते हैं। जिससे अक्सर हादसे होते हंै। पुलिस के चेकपोस्ट पर चुपचाप देखती रहती है। एक माह पूर्व जमालपुर के समीप सड़क ट्रक की ठोकर से दो युवक के जख्मी होने पर आक्रोशित लोगों ने तोड़-फोड़ कर ट्रक में आग लगा दी थी। दस दिन पहले कोईलवर में सड़क दुर्घटना में एक अधेड़ की मौत से गुस्साए ग्रामीणों ने चार दर्जन ट्रक के शीशे तोड़ दिए थे। लोग बताते हैं कि दुर्घटना के बाद पुलिस कार्रवाई में लेटलतीफी करती है। जिससे लोगों का गुस्सा भड़कता है।
सदर अस्पताल में मरने के बाद भी चढ़ाया जा रहा था स्लाइन, हंगामा
आरा| सदर अस्पताल में शनिवार को इलाजरत 70 वर्षीय महिला की मौत हो गयी। मौत के बाद करीब 1 घंटे तक कर्मियों की लापरवाही के कारण उन्हें स्लाइन चढ़ता रहा। यह देख मृतका के पुत्र ने हंगामा कर दिया। बताया जा रहा है कि बीती रात सदर अस्पताल में इलाज के लिए 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला कौशल्या देवी को लाया गया। इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। पर किसी ने भी महिला के हाथ से स्लाइन का पाइप नहीं निकाला। मौके पर पहुचे सदर अस्पताल के प्रबंधक मनोज कुमार ने तत्काल महिला के शरीर से स्लाइन की पाइप निकलवा कर मामले को शांत कराया। उपाधीक्षक डॉक्टर सतीश कुमार सिन्हा ने कहा कि दोषी कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी।