सदर अस्पताल में इलाजरत दो मरीज को शनिवार को ब्रेकफास्ट नहीं दिया गया। अस्पताल का भर्ती पुर्जा लेकर मरीज का भाई दवा लेने चला गया था। इस कारण अस्पताल प्रबंधन ने बेड पर पड़े इलाजरत जितेंद्र एवं उसकी मां के लिए कुछ नहीं दिया गया। परिजन भर्ती होने व अस्पताल का रजिस्टर मिलान करने की बात कहते रहे, पुर्जा मांग करते हुए कर्मचारी ने हाथ में दिए हुए नाश्ते को छीन लिया। बताया जा रहा है कि उदवंतनगर थाना क्षेत्र के जयनगर के रहने वाले जितेंद्र कुमार उसका भाई पप्पू कुमार, उसकी मां एकमी देवी इलाज के लिए सर्जिकल वार्ड में भर्ती है। शनिवार की सुबह अन्य मरीजों को नाश्ता देने के लिए अस्पताल प्रबंधन के कर्मचारी वहां पहुंचे। सभी को हाथ में नाश्ता भी दिया गया। इस दौरान जख्मी जितेंद्र के बेड पर भी अस्पताल कर्मी ने नाश्ता दिया, साथ में पुर्जा की मांगा। इस पर जितेंद्र ने कहा कि भाई दवा लेने गया है। पुर्जा लेकर आता ही होगा। लेकिन, पुर्जा रहने पर ही नाश्ता मिलेगा, यह कहते हुए में दिए हुए नाश्ते को छीन लिया और आगे बढ़ता चला गया। कुछ लोगों ने इसकी शिकायत अस्पताल के अधिकारियों से की। लेकिन, जितेंद्र को ब्रेकफास्ट नहीं मिला।
बताया जाता है उदवंतनगर थाना क्षेत्र के जयनगर में पड़ोसियों ने डंडे से इन सबों की पिटाई की थी। दरअसल, जितेंद्र अपनी प|ी को गाली दे रहा था। पड़ोसियों ने पहले ऐसा करने से रोका, जब नहीं माने तो सभी की पिटाई करनी शुरू कर दी। जिससे जितेंद्र की मां पिटाई से बेहोश हो गयी। मारपीट के बाद सभी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। यहां भी इलाज के दौरान इन लोगों की दुदर्शा हो रही है। जख्मियों में एकमी देवी व जितेंद्र के भाई पप्पू भी शामिल हंै।
इधर, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सतीश कुमार सिन्हा ने कहा कि यह व्यवहार सरासर गलत है। यदि शिकायत सही मिली तो कार्रवाई करेंगे।