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सुनहरे बालू से अवैध कमाई का चल रहा काला धंधा; 1050 के चालान के नाम पर वसूली 1350 रुपए की

3 वर्ष पहले
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बालू घाटों पर पर्यावरण की अनदेखी कर अवैध तरीके से सोन नदी में उत्खनन व नाजायज वसूली रूकने का नाम नहीं ले रहा है। भले ही खनन विभाग-प्रशासन व पुलिस कार्रवाई कर रही है। लेकिन, इन तमाम कवायदों के बावजूद सुनहरे बालू का काले धंधा रुक नहीं रहा है। खनन विभाग-प्रशासन व पुलिस कार्यशैली पर सवाल उठता रहा है। जिसके खिलाफ कई स्थानों पर ग्रामीण लगातार मुखर विरोध कर रहे हैं। ताजा मामला सहार प्रखंड के बरुही सोन घाट है। जहां ट्रैक्टर से बालू उठाव की इजाजत है। जिसके लिए 1050 रुपए का चालान काटा जाता है। लेकिन, डंके के चोट पर वसूली होती है 1350 रुपए। यह अवैध वसूली पहले से ही चल रहा है। लेकिन, सोमवार को स्थानीय वाहन मालिकों ने इसका विरोध कर दिया। इसके समर्थन में घाट पर दूरदराज से आए चालकों ने भी उनका साथ दिया। उग्र ग्रामीणों ने बालू लेने आने वाले ट्रैक्टरों को घाट पर जाने से रोक दिया। इसके साथ ही लोड ट्रैक्टरों को बाहर जाने से भी रोक दिया। स्थानीय वाहन मालिक अनिल कुमार राय ने बताया कि स्थानीय ट्रैक्टर मालिकों के द्वारा कल से ही घाट बंद कराने की भनक पाकर घाट संचालकों द्वारा उन्हें बिना चालान के बालू उठाव का आफर भी दिया गया। लेकिन, हमारी मांग है कि चालान पर अंकित मूल्य हमसे वसूल की जाए। जिससे सरकारी राजस्व की क्षति भी नहीं हो और हमें नाजायज पैसा भी नहीं देना पड़े। इसके अलावे आबादी से होकर गुजरने वाले संकीर्ण रास्ते पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। पानी का छिड़काव नहीं किया जाता है। धोबहां से आए रामध्यान व अमन कुमार सिंह, गोडीहां के नागेन्द्र सिंह व सन्नी कुमार, दुलमचक के राहुल कुमार ने एक स्वर में आरोप लगाया कि चालान पर अंकित राशि के बारे में नहीं बताकर 1350 रुपए की वसूली की जा रही है। साथ ही लोडिंग का भी मनमाफिक चार्ज 200 रुपए से 300 रुपए के बीच लिया जा रहा है। खबर मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त किया। विरोध करने वालों में अरूण राय, सुनील राय, पिन्टू राय, संतोष राय, राम बिहारी कहार, छोटे राय, बबलू राय, विवेक राय, विनोद राय सहित अन्य ग्रामीण शामिल हुए।

इस बारे में कम्पनी के आफिस में चालान काटने का काम करने वाले अतीश कुमार ने बताया कि वह सिर्फ चालान काटने का काम करते हैं। जिसपर 1050 रुपए ही दर्ज करते हैं। वहीं पैसा वसूलने का काम करने वाले एक कर्मी ने इस आरोप को दबी जुबान स्वीकार करते हुए बताया कि कम्पनी के प्रतिनिधि के द्वारा 1350 रुपए लेने के लिए कहा गया है। जिस पर अमल किया जा रहा है। हमसे इसी दर से हिसाब लिया जाता है।

ब्रॉडसन, सीओ व पुलिस का है जिम्मा: सहायक निदेशक

खनन विभाग के सहायक निदेशक परशुराम सिंह से इस मुद्दे पर बातचीत की गई। सहायक निदेशक ने बताया कि चालान 1050 रुपए का ही है। अतिरिक्त वसूली वहां से स्थानीय रैयतों के लिए है, जिनकी जमीन का रास्ते के लिए उपयोग किया जाता है। यह बालू खनन कंपनी ब्रॉडसन का जिम्मा है। दूसरी ओर, जब पूछा गया कि जब जमीन मालिकों के लिए वसूली हो रही है, तब वहां स्थानीय लोग क्यों विरोध कर रहे हैं। इस मुद्दे पर खनन निदेशक ने कहा कि अापसी गंवई मामला हो सकता है। हालांकि, विधि-व्यवस्था की समस्या होने पर स्थानीय अंचल पदाधिकारी या पुलिस कार्रवाई करेगी। इसके बाद खनन विभाग इस पर कार्यवाही करेगा। समस्या बढ़ने पर बालू घाट बंद किया जा सकता है।

भोजपुर जिले में बालू का चल रहा गोरखधंधा

हर प्रखंड में सोन बालू के कारोबार में अवैध वसूली का काला धंधा चल रहा है। मामला पकड़ा भी जाता है। लेकिन, नतीजा ढाक के तीन पात। कोईलवर, चांदी, संदेश, सहार, अजीमाबाद, बड़हरा इलाका बालू धंधा में अवैध वसूली कुख्यात होते जा रहा है।

विभाग को सूचित किया गया है: सीओ

इस मुद्दे पर सहार अंचल कार्यालय के सीओ संजीव कुमार राय का अलग ही कहना है। इन्होंने बताया कि यह खनन विभाग का मामला है। मुझे हंगामा की सूचना मिली थी। इसके बाद खनन विभाग को सूचित कर दिया है।

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