आरा| पीरो के ग्राम पंचायत कोथुआ आज एजुकेशनल हब के साथ-साथ एक आदर्श ग्राम भी बनता जा रहा है। अग्रणी शिक्षण संस्थानों में से एक डीके कारमेल ग्रुप ऑफ इंस्टीच्यूशन के अध्यक्ष मधेश्वर सिंह का पैतृक गांव कोथुआ है। उन्होंने अपने दादाजी के दादा के नाम पर कॉलेज की स्थापना की है। जिसमें प्राइमरी शिक्षक प्रशिक्षण के लिए एनसीटीई भुवनेश्वर व बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से सम्बद्ध 150 सीटों के लिए पहले से ही मान्यता मिली हुई थी। मधेश्वर सिंह ने बताया कि बाबा हीरा सिंह दीपा सिंह प्राइमरी ट्रेनिंग कॉलेज, कोथुआ को बीएड की पढ़ाई कराने की भी मान्यता मिल गई है। भारत गांवों का देश है और यहां की 90 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। जब तक गांवों का शैक्षणिक विकास उच्चस्तर तक नहीं होगा, तब तक भारत विकसित देश नहीं बन पाएगा। विधान परिषद के पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह का पैतृक गांव कोथुआं ही है। उनकी पहल पर वहां एक सरकारी आइटीआई भी स्थापित है। उसमें मधेश्वर सिंह ने ढाई बीघा जमीन दी है।