सुभान की गिरफ्तारी से कई मामलों का हुआ खुलासा, हत्या समेत 27 मामलों में थी तलाश
पेट्रोल पंप लूट कांड के दौरान दबोचे गए कुख्यात अपराधी सुभान की गिरफ्तारी के साथ ही हाल के दिनों में एक हत्या एवं चार लूट कांड का भी खुलासा हो गया है। गिरफ्तार लुटेरा ने एसपी के समक्ष एक वर्ष के अंदर पांच घटनाओं में अपनी संलिप्तता को स्वीकार किया है। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से एक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा एवं नरपतगंज के पलासी पंप से लूटी गई 20 हजार 300 रुपए भी बरामद हुए हैं। गिरफ्तारी के बाद एसपी धूरत शायली ने बताया कि गिरफ्तार कुख्यात वर्ष 2017 के जून माह में जेल से बाहर निकला था। जेल से बाहर निकलने के बाद उसने पांच घटनाओं को अंजाम दिया। फारबिसगंज के ढोलबज्जा में बिस्कूट फैक्ट्री में नेपाली गार्ड की हत्या, चक्रदाहा में दो लाख की लूट, फारबिसगंज में डकैती के दौरान फायरिंग, जोगबनी डकैती कांड में और बंधन बैंक कर्मी से लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। जबकि उसके खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में चोरी, डकैती, लूट, हत्या एवं आर्म्स एक्ट के 27 मामले दर्ज हैं। एसपी ने यह भी बताया कि कुख्यात के खिलाफ सुपौल के भी कई थानों में अपराधिक मामले दर्ज हैं।
जून 2017 में सजा काट कर जेल से आया था बाहर, फारबिसगंज में नेपाली गार्ड की हत्या में था फरार
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प्रेस वार्ता करते एसपी।
स्पीडी ट्रायल चलाकर दिलाई जाएगी सजा
एसपी ने बताया कि कुख्यात लुटेरा जिले के टाप-10 अपराधियों में एक है। इसके खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर सजा दिलायी जाएगी। एसपी ने यह भी बताया कि घटना में शामिल विक्की यादव एवं मोनू जायसवाल का भी अपराधिक इतिहास रहा है। दोनों फरार अपराधियों को भी जल्द ही दबोचा जाएगा। इसके लिए कई थाने की पुलिस जरूरी दिशा निर्देश भी दी गई है।
सुभान मियां का अापराधिक इतिहास
सुभान के खिलाफ फारबिसगंज में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत 12 मामले दर्ज हैं। वहीं अररिया में 03, नरपतगंज में 03 और जोगबनी में 03 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा सात अन्य मामले भी दर्ज हैं। कुछ मामलों में सुभान जेल भी काट चुका है।
मामले नरपतगंज और तीन अररिया में भी हैं दर्ज
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लाख की लूट और फारबिसगंज में डकैती में संलिप्तता स्वीकारी
3 बजे एसपी ने सभी थाने को किया था अलर्ट, 3.40 तक भी सक्रिय नहीं हुई पुलिस
महज एक घंटे के अंदर एक ही गिरोह ने दो पेट्रोप पंप लूट की घटना को अंजाम देकर पुलिस को अपनी सक्रियता का एहसास दिला दिया है। लेकिन घटना क्रम से यह खुलकर सामने आया है कि यदि समय पर पुलिस सक्रिय हो गई होती तो हड़ियाबाड़ा पेट्रोप पंप लूट को बचाया जा सकता था। नरपतगंज के पलासी में बाइक सवार लुटेरों ने तीन बजे घटना को अंजाम दिया। घटना के तुरंत बाद पंप कर्मी ने तीन बजकर तीन मिनट पर नरपतगंज पुलिस को जानकारी दी। नरपतगंज पुलिस ने बिना समय गंवाए इसकी सूचना एसपी को दी। बताया जा रहा है कि एसपी ने तीन बजकर दस मिनट के अंदर ही सभी थानों को एलर्ट किया। लेकिन एलर्ट के बाद भी नरपतगंज से लेकर अररिया तक की कोई भी पुलिस सड़क पर नही पहुंच पाई। जबकि नरपतगंज से अपराधियों को हड़ियाबाड़ा तक आने के लिए दो थाने को पार करना पड़ा।
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मामले सिर्फ फारबिसगंज में ही दर्ज हैं सुभान के खिलाफ
गार्ड की सक्रियता से पकड़ा गया सुभान
महज संयोग ही था कि जिप अध्यक्ष के भाई इमरान अजीम किसी कार्य से गार्ड को लेकर पंप पर पहुंचे। उस समय तीनों लुटेरे लूट कांड को अंजाम देने में सक्रिय थे। गार्ड को देखते ही तीनों लुटेरे फायरिंग करते हुए भागने लगे। लेकिन गार्ड ने हिम्मत दिखाई तो सुभान नामक लुटेरा पकड़ा गया।