सुहागिन महिलाआें ने वट वृक्ष में जल चढ़ा और पूजा कर की पति के लंबी आयु की कामना
पति की दीर्घायु की कामना को लेकर मंगलवार को जिलेभर में वट सावित्री की पूजा सुहागिन महिलाओं ने बड़े ही उल्लास और श्रद्धा के साथ किया। हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत को महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है मंगलवार को बरगद पेड़ के नीचे जगह-जगह महिलाओं के समूह ने अखंड सौभाग्य रहने की कामना के साथ पूजा अर्चना की वहीं नई-नवेली दुल्हनों के घरों में विशेष पूजा का आयोजन किया गया। इस मौके नई दुल्हन के मायके या ससुराल वाले की तरफ से सुहागिन महिलाओं को भोजन भी कराया जाता है महिलाओं का कहना है कि वट सावित्री व्रत के दिन सुखद वैवाहिक जीवन के लिए हम लोग पूजन करते हैं।
वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ कृष्ण की अमावस्या को महिलाओं द्वारा किया जाता है। इस व्रत के बारे में ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं इस व्रत को विधि पूर्वक करतीं हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही संतान की कामना का वरदान भी मिलता है। बरगद की पूजा के विषय में ऐसी मान्यता है कि इस दिन सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान की रक्षा की थी।