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4 साल पहले 24 करोड़ की थी योजना अब 55 की हुई, नहीं बिछी पाईपलाईन

3 वर्ष पहले
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वर्ष 2014 में शहरी क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेय जल आपूर्ति करने के लिए योजना लाई गई थी। लेकिन यह योजना चार साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर पाई है। जबकि इस योजना की राशि 24 करोड़ से 55 करोड़ के करीब पहुंच गई है। हालांकि बिहार राज्य जल पर्षद विभाग के तहत हो रहे काम में लगे अभिकर्ता तीन हजार घरों में कनेक्शन देने का दावा कर रहे हैं। लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। किसी वार्डों में 50 कनेक्शन दिए गए है तो कहीं महज 20 से 30।

40 किलोमीटर के दायरे में पाइप बिछाकर देना था कनेक्शन: 24 करोड़ से शुरू हुई इस योजना के तहत शहरी क्षेत्र के 40 किलोमीटर के दायरे में पाईप लाइन बिछाना था। इसके लिए दो पानी टंकी तथा तीन बोरिंग का निर्माण कराया गया। यह टंकी अररिया के महात्मा गांधी स्मारक उच्च विद्यालय तथा जय प्रकाश नगर स्थित भुदान की जमीन पर बनाई गई। अधिकारियों का कहना था कि एक बोरिंग से डायरेक्ट पानी सप्लाई किया जाएगा। लेकिन आम लोगों तक इस योजना का लाभ कब पहुंचेगा इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है।

वर्ष 2014 में शुरू हुआ था पाइप लाइन का कार्य

17

वार्डों में घरों की संख्या के आंकड़े 10000 के पार है

40

किमी के दायरे में पाइप बिछाकर देना था कनेक्शन

50

कनेक्शन किसी वार्डों में दिए गए है तो कहीं महज 20 से 30

नगर परिषद में लाया गया है निंदा प्रस्ताव: शुद्ध पेय जल आपूर्ति में लेट लतीफी तथा गुणवत्ता विहिन कार्यों को लेकर नगर परिषद वोर्ड की दो बैठक में निंदा प्रस्ताव लाया गया। वोर्ड में लिए गए निंदा प्रस्ताव को बिहार राज्य जल पर्षद को भी भेजा गया।

अबतक सिर्फ 10 से 15 कनेक्शन: वार्ड-2 में डेढ़ वर्ष पूर्व करीब 200 जगहों पर कनेक्शन लगाया गया। लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आया। जबकि वार्ड 15 में अब तक 10 से 15 कनेक्शन ही दिए गए है।

अभी हो रही पानी की गुणवत्ता जांच

शहरी क्षेत्र में जब यह योजना क्रियान्वयन होने लगी तो कुछ घरों में कनेक्शन दिया गया। लेकिन कनेक्शन देने के बाद जब पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो शहर वासियों ने शिकायत की। शिकायत पर कार्यवाई करते हुए बिहार राज्य जल परिषद योजना ने यह तय किया कि जिन वार्डों में पाइपलाइन बिछाया गया है उस वार्डों के हर एक घरों में कनेक्शन दिया जाए। इसके लिए इस योजना की राशि 24 करोड़ से बढ़ा कर 55 करोड़ कर दिया गया। इस शिकायत पर संबंधित अभिकर्ता ने नगर परिषद को बताया कि अभी पानी की जांच की जा रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुद्ध पेय जल की अापूर्ति की जाएगी।

सारा कार्य एजेंसी के पास नगर परिषद की कोई भूमिका नहीं

तीन वर्ष पूर्व बिहार राज्य जल पर्षद विभाग पटना के माध्यम से नगर परिषद को 24 करोड़ का आवंटन मिला था। अब सारा काम एजेंसी के पास इसमें नप की कोई भुमिका नहीं बची है। भवेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी

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