पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Bihar
  • Bhagalpur
  • नोटिस देकर अतिक्रमण खाली करने का दें निर्देश फिर भी अतिक्रमम ना हटे तो दर्ज कराएं प्राथमिकी

नोटिस देकर अतिक्रमण खाली करने का दें निर्देश फिर भी अतिक्रमम ना हटे तो दर्ज कराएं प्राथमिकी

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पलासी प्रखंड अंतर्गत प्लस टू जाकिर एकेडमी डेहटी के मैदान में गिट्टी और बालू का डिपो चलने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त आदेश जारी किया है। अप्रैल महीने के नौवीं तारीख को दैनिक भास्कर ने इस संबंध में पड़ताल कर खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद शिक्षा विभाग की नींद टूटी थी। अप्रैल महीने में खबर प्रकाशित होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जाकिर एकेडमी डेहटी के प्रभारी प्रधानाध्यापक को पत्र लिखकर अविलंब अतिक्रमण खाली कराने का निर्देश दिया था। साथ ही उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण की मांग भी की गई थी। अपने जवाब में प्रभारी प्रधानाध्यापक ने डीईओ को लिखा था कि उनके स्तर से कई बार डिपो संचालक को अतिक्रमण खाली करने का मौका व निर्देश दिया गया है। लेकिन काम नहीं हुआ। उन्होंने यह भी लिखा था कि उनके प्रभार लेने से पहले वाले प्रधानाध्यापक के कार्यकाल से ही डिपो चलना शुरू हुआ है। इधर लगभग 1 महीने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी ने एक बार फिर इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने दैनिक भास्कर अखबार में छपी खबर और उनके द्वारा दिया गया जवाब को आधार मानते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक को सख्त निर्देश जारी किया है।

डीईओ अशोक कुमार मिश्रा ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को भेजे गए पत्र में तीन बिंदुओं पर निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि सबसे पहले वह संबंधित डिपो संचालक को नोटिस देकर 3 दिन के अंदर अतिक्रमण खाली करने का निर्देश दें। इसके बाद भी अगर वह अतिक्रमण खाली नहीं करते हैं तो प्रभारी प्रधानाध्यापक स्थानीय थाने में डिपो संचालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। यही नहीं डीईओ ने उनसे अतिक्रमण खाली करने के बाद फोटोग्राफ भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है ।यहां बता दें कि जाकिर एकेडमी डेहटी के परिसर में गिट्टी और बालू का डिपो चलाया जाता है। डिपो संचालक पलासी प्रखंड के ही एक मुखिया हैं। पहले उनका डिपो मदनपुर में चलता था। लेकिन जब से वह मुखिया बने तब से बालू -गिट्टी का डिपो स्कूल परिसर में खोल दिया गया। चर्चाओं पर यकीन करें तो इस एवज में स्कूल प्रशासन को कुछ भाड़ा भी दिया जाता है। लेकिन इन बातों को स्कूल प्रशासन ने पहले ही नकार दिया था।

9 अप्रैल काे प्रकाशित समाचार का पीडीएफ।

खबरें और भी हैं...