2017 में बिहार की ओर से खेलने पर मिला था मेडल
अररिया कबड्डी खेल का कोई परिवेश नहीं है। बावजूद हौसले इतने बुलंद हैं कि बात करने पर मन खुस हो जाता है। इनकी एक सहेली जो अत्यंत पिछड़े गांव आमगाछी की रहने वाली गले में मेडल चाहत के चेहरे से लगता है इनका भी हौसला बुलंद है। बहनों को बिहर की ओर से खेलने पर 2017 में मिला था मेडल।