प्रखंड क्षेत्र के अठगछिया पंचायत अंतर्गत टंगटंगी शेरशाहवादी टोला से मदरसा तक जाने वाली सड़क पक्की नहीं। करीब ढ़ाई किमी लंबी कच्ची सड़क अब तक पक्की नहीं होने से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर बेमौसम बारिश से प्रखंड क्षेत्र की कच्ची सड़कों पर कीचड़ हो जाने से पैदल चलना दूभर हो जाता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के गांवों से बच्चे हल्की बारिश में कीचड़ से सने सड़क से उत्क्रमित मध्य विद्यालय टंगटंगी तक पढ़ाई करने को जाने के लिए मजबूर हैं। बताते चलें कि गंदर्भडांगा थाना की पुलिस को भी गश्ती के लिए थाना क्षेत्र के इचामाड़ी, अठगछिया, दोगच्छी, मदरसा, पदमपुर, ताराबारी सहित अन्य जगहों तक जानें के लिए इसी सड़क होकर जाना पड़ता है।
ग्रामीण मुसर्रफ हुसैन, इजबुल हक, हबीबुर्रहमान, मो. यूसुफ़, मोजीबुर रहमान, हरि लाल, कुसुम लाल, बबलू कुमार गणेश, नरेश प्रसाद सिंह सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि यही सड़क एक ओर गंदर्भडांगा हाट तो दूसरी ओर मदरसा चौक, लोहागाड़ा हाट तक जानें का मुख्य सड़क को भी जोड़ती है। बाबजूद भी अब तक इस ग्रामीण पक्की सड़क का निर्माण नहीं हुआ। गांव तक पहुंचने के लिए दोनों तरफ से पक्की सड़क के अभाव में पहले से कई जगहों पर ध्वस्त इन सड़क पर चलने से कीचड़मय हो जाता है। बरसात के दिनों में कनकई नदी का पानी सड़क तक आ जाने से सड़कों में बने गड्ढो में पानी जमा हो जाता है। जो ना केवल ग्रामीणों के लिए जानलेवा बन जाता हैं। बल्कि ग्रामीण इलाके की पूरी सड़क कीचड़ से सन जाता हैं। जिस पर सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं। ग्रामीणों ने आगे बताया की बरसात के दिनों में यदि गांव में कोई बीमार पर जाएं तो डॉक्टर के पास अस्पताल ले जानें के लिए बेलगाड़ी या खटिया ही मुख्य सड़क तक जाने के लिए सहारा होता है। वहीं पिछले वर्ष आयी बाढ़ ने सड़कों को कई जगहों को अपने साथ बहा ले गया तभी ग्रामीणों की मदद से चंदा इकट्ठा कर चलने लायक बनाया पर अब तक प्रशासन द्वारा मिट्ठी कार्य भी नहीं कराया गया। वहीं ग्रामीणों ने गांव तक पहुंचने के लिए अब तक पक्की सड़क नहीं बनने से होने वाले समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक से मिलकर कइयों बार अवगत कराया गया पर इस दिशा में अबतक कोई पहल होता नहीं दिख रहा।
सिर्फ आधा किलोमीटर सड़क निर्माण नहीं होने से करनी पड़ती है अधिक दूरी तय
टंगटंगी शेरशाहबादी टोला से मदरसा चौक जाने वाली कच्ची सड़क व कुवाड़ी से कास्त जाने वाली सड़क पर सुखता मकई
सड़क पर सुखता मकई हादसा काे दे रहा आमंत्रण
टेढागाछ | प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न सड़कें पर ही खलियान बन दिया गया है। बड़े पैमाने पर यहां के किसान सड़क के आधे भाग में मकई सु खा रहे हैं, जिसके चलते इस सड़क पर वाहन चलाने वालों की जान सांसत में रहती है। आए दिन बाइक सवार मक्के के बिछे दाने पर फिसल कर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। किंतु किसान मक्के को सड़क पर सुखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बताते चलें कि कुवाड़ी से कास्त खर्रा बभन गामा झाला आदि सड़कों पर इन दिनों बड़े पैमाने पर मकई को सड़क पर सुखाया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों पर अधिकतर सरपट गाडिय़ां दौड़ती है। गाड़ियों की यहां स्पीड भी ज्यादा होती है ऐसे में मकई के दाने पर पिघलकर दुर्घटना की आशंका हर वक्त बनी रहती है। लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान हनी दे रही है।
आवागमन की समस्या से जूझ रहे सताल के ग्रामीण
भास्कर न्यूज | बहादुरगंज
नगर पंचायत के वार्ड नंबर 15 स्थित नेशनल हाइवे से पत्तिमिल होते हुए बहादुरगंज-किशनगंज सड़क के सर्रा पुल को जोड़ने वाली सड़क वर्षों से निर्माण की बाट जोह रहा है। महज आधा किलोमीटर सड़क निर्माण के अभाव में सताल गांववासी जहां आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं अररिया की दिशा से सीधे किशनगंज जाने वाले राहगीरों को कई किलोमीटर का चक्कर लगाने की नौबत आती है। बहादुरगंज-किशनगंज तथा नेशनल हाइवे 327 ई को बाईपास से जोड़ने वाली इस एक किलोमीटर सड़क का हालांकि बीते दिनों नगर पंचायत की ओर से पीसीसी निर्माण कार्य किया गया। सिर्फ आधा किलोमीटर सड़क निर्माण के अभाव में लोगों को कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की माने तो सड़क का निर्माण हो जाने से अररिया की दिशा से किशनगंज जाने वाली छोटी वाहन अथवा राहगीर आसानी से बाईपास निकल सकते हैं। जिससे एलआरपी चौक में ट्रैफिक की समस्या से भी राहगीरों को निजात मिल जाती। मालूम हो कि मात्र आधा किलोमीटर इस सड़क निर्माण से क्षेत्र की बड़ी आबादी लाभान्वित होगी। कार, बाइक, साइकिल तथा पैदल यात्रा करने वाले यात्रियों को कम दूरी कर किशनगंज मुख्यमार्ग तक पहुंच जाएंगे। मामले के तहत वार्ड पार्षद प्रतिनिधि आजाद आलम ने कहा कि सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल जारी है।
फोटो-KNE5 नगर के वार्ड 15 की कच्ची सड़क