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डीएम के आग्रह पर कर्ज लेकर बाढ़ पीड़ितों को खिलाया खाना अब अधिकारी कह रहे जीएसटी बिल लाओ तब होगा भुगतान

3 वर्ष पहले
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पिछले वर्ष 12 अगस्त को आई प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान जिला प्रशासन के आह्वान और आग्रह पर शहर के चित्रगुप्त नगर निवासी अनिल प्रसाद साह ने लोगों से लगभग 11 लाख 28 हजार कर्ज लेकर शिविर में बाढ़ पीड़ितों को भोजन और नाश्ता तो करा दिया। लेकिन आज तक प्रशासन ने उनका भुगतान नहीं किया। सरकारी पक्ष का कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तुत वाउचर में कमी थी। नियम के अनुसार जीएसटी वाला वाउचर होना चाहिए। अब तो अनिल सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। वह लिखित रूप से डीएम को आवेदन देकर यह कह चुके हैं कि विभागीय दौड़-भाग में वह थक गए हैं। अब उनके पास सुसाइड के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। इस कथन से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अनिल प्रसाद साह सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाने में कितना परेशान हुए होंगे। दरअसल पिछले साल आई बाढ़ के बाद डीएम ने लोगों से आग्रह किया था कि जहां भी संभव जैसे भी संभव हो बाढ़ पीड़ितों को भोजन मुहैया करावे। इसी आह्वान पर चित्रगुप्त नगर वार्ड-21 निवासी अनिल प्रसाद साह ने बाढ़ पीड़ित और विस्थापित परिवारों को तेरापंथ भवन में संचालित शिविर स्थल में भोजन और नाश्ता करना शुरू किया।

गुहार

शहर के तेरापंथ भवन में 17 से 22 अगस्त तक बाढ़ पीड़ितों को खिलाया था भोजन, करीब 11 लाख का लिया था कर्ज

पीड़ित अनिल साह ने डीएम से लगाई भुगतान की गुहार

जिलाधिकारी ने सीओ से मांगा है स्पष्टीकरण

डीएम को जो आवेदन दिया है उसके अनुसार अनिल प्रसाद साह ने 17 अगस्त से 22 अगस्त तक तेरापंथ भवन शिविर में बाढ़ पीड़ितों के बीच भोजन और नाश्ता मुहैया कराया। हालांकि शिविर 25 अगस्त तक चला। उनका कहना है कि उनके पास भी पैसे नहीं थे लोगों से कर्ज लेकर खाना खिलाया। उन्होंने यह भी लिखा कि इसमें उनका लगभग 11 लाख 28 हजार 750 रुपया खर्च हुआ। वह अंचल कार्यालय अररिया समेत सभी कार्यालयों से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन भुगतान नहीं मिल पाया। हालांकि सरकारी पक्ष यह भी है कि उनके द्वारा प्रस्तुत वाउचर में कमी थी। नियम के अनुसार जीएसटी वाला वाउचर होना चाहिए।

वाउचर की जांच के बाद भुगतान किया जाएगा

डीएम के निर्देश पर अनिल प्रसाद साह का आवेदन और वाउचर जांच के लिए अररिया सीओ को भेजा गया है। वाउचर की जांच के बाद वास्तविक व्यय के आधार पर उन्हें भुगतान किया जाएगा। शंभू कुमार, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी ,अररिया

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