प्रतापगढ़ | अरनोद पंचायत समिति की अचलावदा ग्राम पंचायत में पेयजल की विकट समस्या को देखते हुए कलेक्टर भंवरलाल मेहरा ने शुक्रवार से गांव में टैंकर से जलापूर्ति करने के आदेश दिए। कलेक्टर को बुधवार को रात्रि चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल की विकट समस्या के चलते दूर-दूर से पेयजल लाकर रोजमर्रा का कार्य करने की बात कही। जिस पर कलेक्टर ने जलदाय विभाग के अभियंता को ग्राम पंचायत अचलावदा के समस्त गांवों में शुक्रवार से टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भीषण गर्मी को देखते हुए पानी की आवश्यकता सबसे महत्वपूर्ण है। इसलिए तत्काल प्राथमिकता से इस कार्य को संपादित करें। इसमें किसी प्रकार की कोताही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रात्रि चौपाल में कलेक्टर मेहरा ने प्राप्त विभिन्न शिकायतों और प्रार्थना पत्रों पर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। पेयजल, विद्युत आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा में नाम जुड़वाने ओर सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत विभिन्न पेंशन प्रकरणों को उन्होंने मौजूद अधिकारियों को मौके पर ही निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले के हर पात्र परिवार को गैस कनेक्शन मिले, ऐसे प्रयास किए जाएं। उन्होंने रसद विभाग को निर्देश दिए कि जिले की हर ग्राम पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर गैस कंपनियों के कार्मिकों के माध्यम से आमजन में गैस उपयोग की जानकारी सार्वजनिक करें। पुलिस अधीक्षक ने समस्या होने पर सीधे पुलिस के पास जाने को कहा।
प्रतापगढ़। रात्रि चौपाल में मौजूद अधिकारी व ग्रामीण।
महानरेगा कार्य स्थल पर छाया, दवा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता रहे
कलेक्टर मेहरा ने महानरेगा के अधिशाषी अभियंता को निर्देश दिए कि जिले में जहां-जहां भी नरेगा के कार्य चल रहे वहां पीने के लिए पेयजल, छाया, दवाइयां और बच्चों के लिए पालने की सुविधा आवश्यक रूप से रहें। जहां-जहां जरूरत है वहां नरेगा के कार्य निरंतर चलते रहे और यदि गांव में कोई व्यक्ति जॉबकार्ड से वंचित हैं, तो तत्काल उसका जॉबकार्ड जारी कर उसे रोजगार दिया जाए।
अरनोद से अचलावदा वाया मचलाया सड़क के प्रस्ताव भिजवाए
रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने कलेक्टर से अरनोद से अचलावदा वाया मचलाया सड़क को डामरीकरण करवाने की बात कही। इस पर कलेक्टर ने जानकारी लेते हुए ग्रामीणों को बताया कि चार किलोमीटर रोड का डामरीकरण करवाने पर एक करोड़ 55 लाख 69 हजार रुपए का प्रस्ताव सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से राज्य सरकार को भिजवाया जा चुका है। स्वीकृति प्राप्त होते ही कार्य प्रारंभ करवा दिया जाएगा।