जवारे विसर्जन के साथ नौ दिनी गणगौर पर्व का समापन
भगवान शंकर व माता गौरी के पर्व गणगौर की नौ दिन तक गांव में धूम रही। रोज जवारों की पूजा-आरती कर माता को झालरिए दिए गए। रात्रि में भजन मंडलों द्वारा संगीतमय भजनों की प्रस्तुति दी गई। रोज सैकड़ों महिला-पुरुषों ने भजन कार्यक्रम का आनंद लिया। मंगलवार को माता को पाट बैठाकर (रथ सजाकर) पानी पर ले जाया गया। बुधवार को जोड़े जिमाने के साथ भंडारा प्रसादी वितरण किया गया। शाम को धनियर राजा, रणुबाई के रथों व जवारों का गांव में भ्रमण कराते हुए अग्नि नदी तट पर ले जाया गया। यहां आरती-पूजन कर जवारों के विसर्जन के साथ पर्व का समापन किया गया।