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धर्म... सुख में कभी अहंकार नहीं करना चाहिए : शर्मा

3 वर्ष पहले
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आष्टा| भागवत कथा के सुनने मात्र से ही मनुष्य के सब दुख दूर हो जाते हैं और उसे भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। सुख और दुख जीवन के दो पहिए हैं जो कि मनुष्य के जीवन में निरंतर आते जाते रहते हैं। हमें कभी भी सुख में अहंकार नहीं करना चाहिए और यह सदैव याद रखना चाहिए कि हमारे पास जो धन वैभव समृद्धि है वह सब प्रभु की कृपा से मिली है।

यह बातें पगारिया हाट में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिवस कथावाचक पंडित जगदीश शर्मा ने कहीं। श्री शर्मा ने कहा कि हमें प्रतिदिन भगवान का पूजा अर्चना करना चाहिए। साथ ही हमें विपत्ति के समय घबराना नहीं चाहिए हमें विपत्ति के समय ईश्वर में अटूट विश्वास रखना चाहिए और भगवान से क्षमा याचना कर अपनी गलतियों की माफी मांगना चाहिए। ऐसा करने से भगवान अपने भक्तों की हर पीड़ा को हर लेते हैं। उनके जीवन में सुख समृद्धि प्रदान कर आनंदित कर देते हैं। इसलिए मनुष्य को सांसारिक मोहमाया में ईश्वर को सदैव याद रखना चाहिए और भगवान का नाम निरंतर जप करते रहना चाहिए। बुधवार को कथावाचक शर्मा ने शुकदेवजी का जन्म राजा परीक्षित का जन्म राजा परीक्षित को श्राप के वृतांत कथा में सुनाएं। समिति के मांगीलाल महेश्वरी ने बताया कि बुधवार को सुबह के समय ग्रामीणों की उपस्थिति में गांव के सभी प्रमुख मार्गों से कलश यात्रा निकाली गई।

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